Story

वॉल स्ट्रीट की तेजी के बाद अमेरिकी स्टॉक वायदा में नरमी, तेल और यील्ड पर नजर

ENTHMSVIIDZHZH-TWJAKOHI
Sep 18, 20262 min read
वॉल स्ट्रीट की तेजी के बाद अमेरिकी स्टॉक वायदा में नरमी, तेल और यील्ड पर नजर

Summary

फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बाद तेल की कीमतों और ट्रेजरी यील्ड में गिरावट से वॉल स्ट्रीट में आई जोरदार तेजी के बाद अमेरिकी स्टॉक इंडेक्स फ्यूचर्स में मामूली गिरावट देखी गई।

Text size
Background

अमेरिकी स्टॉक इंडेक्स फ्यूचर्स गुरुवार शाम को मामूली गिरावट के साथ कारोबार कर रहे थे, जो वॉल स्ट्रीट पर आई एक जोरदार तेजी के बाद एक ठहराव का संकेत है। यह तेजी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी के बाद कच्चे तेल की कीमतों और ट्रेजरी यील्ड में नरमी के कारण आई थी।

वॉल स्ट्रीट में तेजी के बाद वायदा में सुस्ती

Investing.com के आंकड़ों के अनुसार, शाम के कारोबार में S&P 500 फ्यूचर्स 0.09%, नैस्डैक 100 फ्यूचर्स 0.17% और डाउ जोन्स फ्यूचर्स 0.09% नीचे थे। यह गिरावट वॉल स्ट्रीट पर एक मजबूत सत्र के बाद आई, जहां बुधवार को फेडरल रिजर्व के फैसले से पहले लगातार तीन दिनों की गिरावट का सिलसिला टूटा था।

गुरुवार के कारोबारी सत्र में, S&P 500 में 1.1% की उछाल आई, जबकि टेक्नोलॉजी-केंद्रित नैस्डैक कंपोजिट 1.7% की बढ़त के साथ सबसे आगे रहा। वहीं, डाउ जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज में 0.6% की वृद्धि दर्ज की गई। टेक्नोलॉजी और चिप बनाने वाली कंपनियों के शेयरों ने इस सप्ताह की शुरुआत में आई भारी गिरावट से उबरते हुए शानदार प्रदर्शन किया।

तेल की कीमतें और बॉन्ड यील्ड का असर

वॉल स्ट्रीट की तेजी को मुख्य रूप से दो कारकों से समर्थन मिला: कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट और ट्रेजरी यील्ड में नरमी। कुछ रिपोर्टों के अनुसार, सऊदी अरब द्वारा ओमान के रास्ते एशियाई खरीदारों को अधिक तेल भेजने की खबरों से आपूर्ति संबंधी कुछ चिंताएं कम हुईं, जिससे तेल की कीमतों पर दबाव पड़ा। यह लाल सागर में हूती हमलों से उत्पन्न व्यवधानों को कम करने में मदद करता है।

Sample IUX Markets – In-articleAd

इसके अलावा, अमेरिकी बॉन्ड यील्ड में आई तेज गिरावट ने भी शेयर बाजार को प्रोत्साहित किया। फेडरल रिजर्व के फैसले के बाद 10-वर्षीय ट्रेजरी यील्ड 5% के स्तर से नीचे आ गई। इस गिरावट ने निवेशकों के लिए इक्विटी को अधिक आकर्षक बना दिया।

फेड का फैसला और बाजार का नजरिया

फेडरल रिजर्व ने तीन वर्षों में पहली बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी की और एक आक्रामक रुख अपनाया। फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वार्श ने चेतावनी दी कि मुद्रास्फीति अभी भी बहुत अधिक है, जिससे भविष्य में और दर वृद्धि की संभावना का संकेत मिलता है।

हालांकि, फेड के इस कदम और उसके दृष्टिकोण ने ब्याज दरों के भविष्य के रास्ते को लेकर कुछ अनिश्चितता को दूर कर दिया। बाजार ने इस स्पष्टता को सकारात्मक रूप से लिया, क्योंकि यह दर्शाता है कि केंद्रीय बैंक मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने और अर्थव्यवस्था को स्थिर करने के लिए प्रतिबद्ध है। इसी वजह से आक्रामक रुख के बावजूद बॉन्ड यील्ड में गिरावट आई और शेयर बाजार में तेजी देखी गई।

Back to latest news

LATEST