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कनाडा-अमेरिका व्यापार वार्ता: नए टैरिफ की समय सीमा से पहले समझौते की कोशिशें तेज

Summary
कनाडा और अमेरिका के शीर्ष व्यापार वार्ताकार एक व्यापार समझौते को अंतिम रूप देने के लिए फिर से मिल रहे हैं, जिसका उद्देश्य महीनों से चले आ रहे टैरिफ विवाद को कम करना है। अमेरिका द्वारा नए टैरिफ लगाने की शनिवार की समय सीमा नजदीक आने से इन बैठकों का महत्व बढ़ गया है।
कनाडा और संयुक्त राज्य अमेरिका के शीर्ष व्यापार वार्ताकार वाशिंगटन में लगातार दूसरे दिन बैठक कर रहे हैं, ताकि एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौते को अंतिम रूप दिया जा सके। इस समझौते का लक्ष्य शनिवार से लागू होने वाले अमेरिकी टैरिफ के खतरे को टालना और महीनों से चले आ रहे व्यापारिक तनाव को कम करना है।
वार्ता का नवीनतम दौर
रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, अमेरिका के साथ व्यापार के लिए जिम्मेदार कनाडा के मंत्री, डोमिनिक लेब्लांक, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जेमिसन ग्रीर से गुरुवार को मुलाकात करने वाले हैं। उनके कार्यालय ने पुष्टि की कि यह बैठक EDT दोपहर 12:15 बजे होगी, जिसमें कनाडा की मुख्य व्यापार वार्ताकार जेनिस चैरेट भी शामिल होंगी।
बुधवार को हुई पिछली बैठक के बाद दोनों पक्षों ने एक समझौते की दिशा में "महत्वपूर्ण प्रगति" की सूचना दी थी। इन वार्ताओं का मुख्य उद्देश्य अमेरिका द्वारा लगाए गए अतिरिक्त टैरिफ को रोकना है, जो शनिवार से प्रभावी हो सकते हैं।
प्रस्तावित समझौते के प्रमुख बिंदु
मामले की जानकारी रखने वाले एक सूत्र ने रॉयटर्स को बताया कि प्रस्तावित सौदे में कई महत्वपूर्ण टैरिफ कटौतियां शामिल हो सकती हैं। यदि यह समझौता होता है, तो इससे दोनों देशों के बीच व्यापारिक संबंधों में सुधार हो सकता है।
Ad- कनाडा में निर्मित वाहनों पर टैरिफ 25% से घटाकर 15% किया जा सकता है।
- कनाडाई स्टील और एल्यूमीनियम पर टैरिफ को आधा करके 25% तक लाया जा सकता है।
- अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संकेत दिया है कि एक समझौते के तहत अमेरिकी सामानों पर लगे कनाडाई टैरिफ को भी हटा दिया जाएगा।
पृष्ठभूमि और बाजार के लिए निहितार्थ
यह व्यापार विवाद पिछले साल तब शुरू हुआ जब राष्ट्रपति ट्रम्प ने कनाडा के स्टील, एल्यूमीनियम और वाहनों के आयात पर टैरिफ लगाया, जिसके जवाब में ओटावा ने भी जवाबी शुल्क लगाए। हाल ही में, राष्ट्रपति ट्रम्प ने लगभग $20 बिलियन के कनाडाई सामानों पर लगने वाले 50% के नए टैरिफ को शनिवार तक के लिए स्थगित कर दिया था, जिसका कारण उन्होंने बातचीत में हुई प्रगति को बताया।
निवेशकों और बाजारों के लिए, एक सफल समझौता दोनों देशों के बीच व्यापारिक अनिश्चितता को काफी कम कर देगा। यह ऑटोमोटिव, स्टील और एल्यूमीनियम क्षेत्रों के लिए एक सकारात्मक विकास होगा, जिससे आपूर्ति श्रृंखला स्थिर हो सकती है और मुद्रास्फीति का दबाव कम हो सकता है। समझौते पर पहुंचने में विफलता से व्यापार युद्ध और बढ़ सकता है, जिससे बाजार में अस्थिरता बढ़ सकती है।