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यूक्रेन ने रूस पर दूरगामी हमलों के लिए विशेष कमान बनाई, रूसी अर्थव्यवस्था पर बढ़ा दबाव

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Jul 12, 20262 min read
यूक्रेन ने रूस पर दूरगामी हमलों के लिए विशेष कमान बनाई, रूसी अर्थव्यवस्था पर बढ़ा दबाव
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यूक्रेन के राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने अपनी सशस्त्र सेनाओं के भीतर एक नई "लॉन्ग-रेंज इम्पैक्ट" कमान स्थापित करने की घोषणा की है। यह कदम रूस के ऊर्जा और लॉजिस्टिक्स बुनियादी ढांचे पर हमलों को तेज करने की रणनीति का हिस्सा है, जिसके चलते मॉस्को को पहले ही डीजल निर्यात पर प्रतिबंध लगाना पड़ा है और आज़ोव सागर के पास शिपिंग को सीमित करना पड़ा है।

हमलों का आर्थिक प्रभाव

यूक्रेनी ड्रोन हमलों के कारण रूस की अर्थव्यवस्था पर सीधा असर दिख रहा है। बुधवार को, रूस ने घरेलू आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए डीजल निर्यात पर प्रतिबंध लगा दिया। यह फैसला कब्जे वाले क्रीमिया प्रायद्वीप में हफ्तों से चल रहे ईंधन संकट और अन्य क्षेत्रों में भारी कमी के बाद आया है।

उद्योग के दो स्रोतों और रॉयटर्स की गणना के अनुसार, इन हमलों के परिणामस्वरूप रूस में घरेलू गैसोलीन का उत्पादन घटकर लगभग 65% क्षमता पर आ गया है। इसके अलावा, रूस ने डॉन नदी को आज़ोव सागर से जोड़ने वाले एक चैनल के माध्यम से शिपिंग को अस्थायी रूप से रोक दिया है। अनाज निर्यात उद्योग के सूत्रों के अनुसार, इस फैसले से क्षेत्र में रूस के लगभग एक-चौथाई गेहूं निर्यात पर असर पड़ सकता है।

नई सैन्य रणनीति और हालिया हमले

राष्ट्रपति ज़ेलेंस्की ने एक डिक्री पर हस्ताक्षर करने की पुष्टि करते हुए कहा कि इस विशेष कमान का उद्देश्य "रूस पर दूरगामी और वैश्विक प्रभाव डालना" है। उन्होंने कहा, "इस कमान को रूस की युद्ध छेड़ने की क्षमता को और कम करने पर उपलब्ध संसाधनों का 100% ध्यान केंद्रित करना चाहिए।"

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कीव इन हमलों को रूस के सरकारी बजट पर "लंबी दूरी के प्रतिबंध" के रूप में देखता है। हालिया हमलों में शामिल हैं:

  • क्रास्नोडार क्षेत्र में इल्स्की तेल रिफाइनरी पर हमला।
  • लेनिनग्राद क्षेत्र में उस्त-लुगा तेल रिफाइनिंग कॉम्प्लेक्स को निशाना बनाना।
  • यूक्रेन के ड्रोन बलों के कमांडर रॉबर्ट ब्रोव्डी के अनुसार, पिछले पांच दिनों में आज़ोव सागर में 10 टैंकरों पर हमला किया गया है।

संदर्भ और आगे की राह

ये सफल हमले युद्ध के शुरुआती दिनों से एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक हैं, लेकिन विशेषज्ञ चेतावनी देते हैं कि यह कहना जल्दबाजी होगी कि यूक्रेन ने संघर्ष का रुख मोड़ दिया है। ज़ेलेंस्की ने रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन से युद्ध रोकने का आग्रह किया है, इससे पहले कि रूस के अंदर गहरे हमले उसकी अर्थव्यवस्था को और नुकसान पहुंचाएं।

हालांकि, सूत्रों का कहना है कि पुतिन शांति वार्ता की अपीलों को खारिज कर रहे हैं और ये हमले लड़ने के उनके संकल्प को और मजबूत कर रहे हैं। इस बीच, यूक्रेन हवाई रक्षा की कमी से जूझ रहा है और रूसी बैलिस्टिक मिसाइल हमलों के प्रति संवेदनशील बना हुआ है, जिसे ज़ेलेंस्की युद्ध में मॉस्को का आखिरी फायदा बताते हैं।

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