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UBS की सलाह: फेड और तेल के जोखिमों के बीच डॉलर में गिरावट खरीदारी का मौका

Summary
UBS का मानना है कि जून के कमजोर मुद्रास्फीति आंकड़ों के कारण डॉलर पर निकट अवधि में दबाव रह सकता है, लेकिन फेडरल रिजर्व और तेल की कीमतों से जुड़े जोखिमों को देखते हुए किसी भी गिरावट को खरीदारी के अवसर के रूप में देखा जाना चाहिए।
UBS का मानना है कि जून के कमजोर मुद्रास्फीति आंकड़ों के बाद अमेरिकी डॉलर में आई हालिया गिरावट खरीदारी का एक अवसर प्रदान करती है। वित्तीय सेवा फर्म ने अपनी एक रिपोर्ट में कहा है कि फेडरल रिजर्व की मौद्रिक नीति और तेल की कीमतों से जुड़े जोखिमों के कारण डॉलर में मजबूती की संभावनाएं बनी हुई हैं।
डॉलर पर निकट-अवधि का दबाव
सोमवार को जारी जून के उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के कमजोर आंकड़ों ने डॉलर पर दबाव डाला है। UBS ने मंगलवार को कहा कि इन आंकड़ों के बाद फेडरल रिजर्व द्वारा जल्द ही मौद्रिक नीति को और सख्त करने की तात्कालिकता कम हो गई है, जिससे निकट भविष्य में डॉलर में और कंसोलिडेशन देखने को मिल सकता है।
हालांकि, फर्म ने यह भी नोट किया कि मध्य पूर्व में नए सिरे से बढ़े भू-राजनीतिक तनाव ने डॉलर को कुछ हद तक सहारा भी दिया है।
गिरावट में खरीदारी की सलाह क्यों?
निकट-अवधि के दबाव के बावजूद, UBS डॉलर में आई कमजोरी पर खरीदारी के प्रति अपना सकारात्मक दृष्टिकोण बनाए हुए है। फर्म ने इसके पीछे तीन प्रमुख कारकों का हवाला दिया है:
Ad- फेड का जोखिम: फेडरल रिजर्व द्वारा मौद्रिक सख्ती का जोखिम कम तो हुआ है, लेकिन यह पूरी तरह से खत्म नहीं हुआ है।
- तेल की कीमतें: यदि मध्य पूर्व में तनाव जारी रहता है, तो तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का जोखिम है, जो डॉलर को समर्थन दे सकता है।
- अमेरिकी आय: अमेरिका में कंपनियों की मजबूत आय अमेरिकी संपत्तियों की मांग को फिर से बढ़ा सकती है, जिससे डॉलर को बल मिलेगा।
प्रमुख मुद्राओं के लिए रणनीतिक स्तर
अपनी रणनीति नोट में, UBS ने डॉलर में लॉन्ग पोजीशन बनाने के लिए कुछ विशिष्ट रणनीतिक प्रवेश स्तरों की पहचान की है। फर्म का मानना है कि EUR/USD में 1.1550 की ओर कोई भी उछाल पोजीशन बनाने का एक आकर्षक अवसर होगा।
इसी तरह, USD/CHF में 0.80 के स्तर तक की गिरावट डॉलर एक्सपोजर बढ़ाने के लिए एक अनुकूल स्तर प्रस्तुत करती है।