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ऑडी के हज़ारों कर्मचारियों का प्लांट बंद होने की आशंका पर विरोध प्रदर्शन

Summary
जर्मनी में ऑडी के हज़ारों कर्मचारियों ने नेकारसुल्म प्लांट को बंद किए जाने की आशंका के खिलाफ प्रदर्शन किया। यह विरोध मूल कंपनी फॉक्सवैगन द्वारा समूह-व्यापी पुनर्गठन और नौकरियों में बड़ी कटौती की योजना के बीच हुआ है।
जर्मनी के नेकारसुल्म में ऑडी के हज़ारों कर्मचारियों ने अपने प्लांट को बंद किए जाने की संभावित योजना के खिलाफ बुधवार को प्रदर्शन किया। यह विरोध प्रदर्शन तब हुआ है जब ऑडी की मूल कंपनी फॉक्सवैगन एक बड़े पुनर्गठन की प्रक्रिया में है, जिसके तहत हज़ारों नौकरियों में कटौती की आशंका है।
विरोध प्रदर्शन और कर्मचारियों की चिंताएं
वर्क्स काउंसिल के अनुसार, इस विरोध प्रदर्शन में लगभग 6,000 लोगों ने हिस्सा लिया। कर्मचारी अपनी नौकरियों और भविष्य को लेकर चिंतित हैं और कंपनी प्रबंधन से स्पष्टता की मांग कर रहे हैं। फॉक्सवैगन के सीईओ ओलिवर ब्लूम ने चेतावनी दी है कि अगर कोई वैकल्पिक समाधान नहीं मिला तो 2030 के बाद नेकारसुल्म जर्मनी के उन चार प्लांट में से एक हो सकता है जिन्हें बंद किया जा सकता है।
एक ऑडी प्रशिक्षु फ्रैंक वोज्को ने कहा, "कर्मचारी स्पष्टता चाहते हैं क्योंकि वे काम पर आने को लेकर चिंतित हैं। कई परिवार भी चिंतित हैं।"
फॉक्सवैगन की पुनर्गठन योजना
यह विरोध फॉक्सवैगन समूह में चल रही व्यापक पुनर्रचना का हिस्सा है। कंपनी उच्च लागत, चीन से बढ़ती प्रतिस्पर्धा और अमेरिकी टैरिफ जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है।
Ad- नेकारसुल्म साइट पर लगभग 15,000 लोग काम करते हैं, जहाँ ऑडी के A5, A6 और A8 मॉडल के साथ-साथ ऑल-इलेक्ट्रिक ऑडी ई-ट्रॉन जीटी का उत्पादन होता है।
- फॉक्सवैगन समूह में नौकरियों में कटौती का प्रस्तावित आंकड़ा दोगुना कर 100,000 तक किया जा सकता है।
- सीईओ ब्लूम ने प्लांट बंद करने से बचने के लिए रक्षा साझेदारी और जर्मनी के कम उपयोग वाले कारखानों में चीनी मॉडलों के उत्पादन जैसे विकल्पों पर विचार किया है, लेकिन अभी तक कोई अंतिम निर्णय नहीं लिया गया है।
व्यापक आर्थिक प्रभाव
नेकारसुल्म के मेयर स्टीफन हर्टविग ने चेतावनी दी है कि प्लांट को बंद करना एक "आपदा" होगी, जिसका पूरे बाडेन-वुर्टेमबर्ग राज्य पर दूरगामी प्रभाव पड़ेगा, जो जर्मनी का एक पारंपरिक ऑटोमेकिंग क्षेत्र है। उन्होंने क्षेत्र में "डोमिनो प्रभाव" की चेतावनी दी, क्योंकि मर्सिडीज-बेंज, पोर्श और बॉश जैसे अन्य प्रमुख ऑटोमोटिव खिलाड़ी भी दबाव में हैं।
वर्क्स काउंसिल के प्रमुख अलेक्जेंडर रेनहार्ट ने सुझाव दिया कि नेकारसुल्म को एक उच्च-मात्रा वाले इलेक्ट्रिक वाहन का आवंटन इसके भविष्य को सुरक्षित करने में मदद कर सकता है। यह घटनाक्रम जर्मन ऑटो उद्योग के सामने मौजूद गंभीर चुनौतियों को रेखांकित करता है क्योंकि यह इलेक्ट्रिक वाहनों और वैश्विक प्रतिस्पर्धा के दौर में परिवर्तन कर रहा है।