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आपूर्ति की चिंताओं के बीच चीनी वायदा एक साल के उच्चतम स्तर पर

Summary
वैश्विक आपूर्ति में कमी की आशंका और भारत द्वारा आयात की संभावना के बीच रॉ और व्हाइट शुगर वायदा की कीमतें एक साल से अधिक के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं।
रॉ और व्हाइट शुगर वायदा की कीमतें गुरुवार को ICE एक्सचेंज पर एक साल से अधिक के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं। बाजार में यह तेजी मुख्य रूप से अल नीनो के कारण उत्पादन में कटौती की आशंका और दुनिया के दूसरे सबसे बड़े उत्पादक भारत के आयातक बनने की संभावनाओं से प्रेरित है।
कीमतों में उछाल के कारण
व्यापारियों के अनुसार, भारत में घरेलू चीनी की रिकॉर्ड कीमतों के कारण यह अटकलें तेज हो गई हैं कि सरकार जल्द ही चीनी का आयात शुरू कर सकती है। बढ़ती कीमतों को नियंत्रित करने के लिए, भारत सरकार ने 10 मीट्रिक टन से अधिक मासिक खपत वाले थोक उपभोक्ताओं को अधिकतम 15-दिन की आपूर्ति तक अपना स्टॉक सीमित करने का आदेश दिया है।
इसके अलावा, अल नीनो मौसम पैटर्न के कारण वैश्विक उत्पादन में संभावित कमी को लेकर भी चिंताएं बढ़ गई हैं। ब्राजील की राष्ट्रीय फसल एजेंसी कोनाब (Conab) ने गुरुवार को अनुमान लगाया कि 2026/27 में देश का चीनी उत्पादन 2.9% घटकर 42.9 मिलियन टन रह जाएगा।
वायदा बाजार का प्रदर्शन
Adवायदा बाजार में कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई, जो आपूर्ति संबंधी चिंताओं को दर्शाती है।
- रॉ शुगर (Raw Sugar): वायदा 0.7% बढ़कर 17.68 सेंट प्रति पाउंड पर पहुंच गया। इससे पहले सत्र में यह 17.99 सेंट के स्तर को छू गया था, जो एक साल में इसका उच्चतम स्तर है।
- व्हाइट शुगर (White Sugar): कीमतें 1.6% चढ़कर $550.70 प्रति टन हो गईं। दिन के कारोबार में यह $564.40 तक पहुंच गई थी, जो मार्च 2025 के बाद का उच्चतम स्तर है।
बाजार के लिए संकेत
ये घटनाक्रम वैश्विक चीनी बाजार में आपूर्ति के संकट का संकेत देते हैं। भारत का एक प्रमुख उत्पादक से आयातक बनना और ब्राजील में उत्पादन का घटना वैश्विक आपूर्ति-मांग के संतुलन को महत्वपूर्ण रूप से प्रभावित कर सकता है। निवेशकों और खाद्य एवं पेय कंपनियों को आने वाले समय में चीनी की कीमतों में और अस्थिरता देखने को मिल सकती है।