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सैम ऑल्टमैन के वर्ल्ड प्रोजेक्ट ने टोकन बिक्री में $5.25 करोड़ जुटाए

OpenAI के सीईओ सैम ऑल्टमैन द्वारा सह-स्थापित प्रोजेक्ट, वर्ल्ड फाउंडेशन ने रणनीतिक निवेशकों को एक साल की लॉक-इन अवधि वाले टोकन की बिक्री के माध्यम से $5.25 करोड़ की शुरुआती फंडिंग जुटाई है। यह फंडिंग ऐसे समय में आई है जब आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के विकास में तेजी के साथ प्रोजेक्ट अपने विस्तार का लक्ष्य बना रहा है।
फंडिंग का विवरण
इस फंडिंग राउंड के पहले चरण का नेतृत्व पैन्टेरा कैपिटल (Pantera Capital) ने किया। वर्ल्ड फाउंडेशन के अनुसार, इस दौर में अन्य प्रमुख निवेशकों ने भी भाग लिया, जिनमें शामिल हैं:
- बेन कैपिटल क्रिप्टो (Bain Capital Crypto)
- एइटको होल्डिंग्स (Eightco Holdings)
- सेलिनी कैपिटल (Selini Capital)
- सस्क्यूहाना क्रिप्टो (Susquehanna Crypto)
पैन्टेरा कैपिटल के जनरल पार्टनर कॉस्मो जियांग ने कहा, "AI के विकास में तेजी के साथ 'प्रूफ ऑफ ह्यूमन' (इंसान होने का प्रमाण) की आवश्यकता स्पष्ट होती जा रही है, और हम इसे एंटरप्राइज ट्रैक्शन में देख रहे हैं।" बेचे गए WLD टोकन 12 महीने की लॉक-अप अवधि के अधीन हैं।
वर्ल्ड आईडी और इसका महत्व
Adवर्ल्ड फाउंडेशन, वर्ल्ड नेटवर्क का प्रबंधन करता है, जो एक विकेन्द्रीकृत डिजिटल पहचान और वित्तीय नेटवर्क है। यह प्रोजेक्ट एक खास डिवाइस "ऑर्ब" (Orb) का उपयोग करके लोगों की आंखों की पुतली (iris) को स्कैन करता है, जिसके बदले में उन्हें एक डिजिटल आईडी और WLD नामक क्रिप्टोकरेंसी टोकन मिलता है।
वर्ल्ड का तर्क है कि इसकी वर्ल्ड आईडी (World ID) उपयोगकर्ताओं को एक "डिजिटल पासपोर्ट" प्रदान करती है जो यह साबित कर सकता है कि धारक एक इंसान है, न कि कोई AI चैटबॉट। जैसे-जैसे AI ऑनलाइन अधिक व्यापक होता जा रहा है, इंसानों और मशीनों के बीच अंतर करना मुश्किल हो गया है। इस तकनीक के बिना, विज्ञापन मॉडल, डेटिंग ऐप्स और वोटिंग सिस्टम को धोखाधड़ी से बचाना कठिन हो सकता है।
विस्तार योजनाएं और मौजूदा स्थिति
इस फंडिंग से जुटाए गए नए कैपिटल का उपयोग वर्ल्ड आईडी तकनीक को विश्व स्तर पर संगठनों, उपभोक्ताओं और उनके AI एजेंटों तक पहुंचाने के लिए किया जाएगा। प्रोजेक्ट के अनुसार, अब तक 3.9 करोड़ से अधिक लोग वर्ल्ड नेटवर्क में शामिल हो चुके हैं, और 1.8 करोड़ से अधिक इंसानों को "ऑर्ब" द्वारा सत्यापित किया गया है।
हालांकि, अपनी तकनीक के बावजूद, इस प्रोजेक्ट को गोपनीयता संबंधी जोखिमों को लेकर कुछ देशों में जांच और अस्थायी प्रतिबंधों का सामना भी करना पड़ा है।