Story

कच्चे तेल में गिरावट से रॉ शुगर वायदा में नरमी

ENTHMSVIIDZHZH-TWJAKOHI
Sep 16, 20262 min read
कच्चे तेल में गिरावट से रॉ शुगर वायदा में नरमी

Summary

बुधवार को कच्चे तेल की कीमतों में नरमी के कारण रॉ शुगर वायदा में गिरावट आई, क्योंकि इससे इथेनॉल उत्पादन कम आकर्षक हो गया है। हालांकि, प्रमुख उत्पादक क्षेत्रों में उत्पादन में गिरावट की आशंकाओं से कीमतों को कुछ सहारा मिल रहा है।

Text size
Background

बुधवार को रॉ शुगर वायदा में मामूली गिरावट दर्ज की गई, जिसका मुख्य कारण कच्चे तेल की कीमतों में आई नरमी रही। इस गिरावट का असर दुनिया के प्रमुख चीनी उत्पादक देशों में गन्ना मिलों के उत्पादन निर्णयों पर पड़ रहा है।

बाजार का हाल

Investing.com के आंकड़ों के अनुसार, रॉ शुगर वायदा (SBc1) 0.3% गिरकर 17.88 सेंट प्रति पाउंड पर आ गया। इसी तरह, अक्टूबर व्हाइट शुगर वायदा (LSUc1) 0.4% की गिरावट के साथ $524.20 प्रति टन पर कारोबार कर रहा था।

चीनी व्यापारियों द्वारा जारी शुरुआती आंकड़ों के अनुसार, मंगलवार को समाप्त हुए अक्टूबर व्हाइट शुगर कॉन्ट्रैक्ट (LSUV6) के तहत कुल 9,987 लॉट की डिलीवरी हुई, जो 4,99,350 मीट्रिक टन के बराबर है।

तेल की कीमतों का असर

कच्चे तेल की कीमतों में गिरावट का सीधा असर चीनी बाजार पर पड़ता है। जब तेल सस्ता होता है, तो गन्ने से बने जैव ईंधन इथेनॉल का उत्पादन कम आकर्षक हो जाता है।

Sample IUX Markets – In-articleAd

इसके चलते, ब्राजील और भारत जैसे प्रमुख उत्पादक देशों में गन्ना मिलें इथेनॉल की बजाय चीनी का उत्पादन बढ़ाने को प्राथमिकता देती हैं। बाजार में चीनी की आपूर्ति बढ़ने की इस उम्मीद से कीमतों पर दबाव बनता है।

वैश्विक आपूर्ति की चिंताएं

हालांकि, हालिया गिरावट के बावजूद, चीनी की कीमतों को वैश्विक आपूर्ति में कमी की आशंकाओं से सहारा मिल रहा है। इससे पहले, कीमतें 16 महीने के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई थीं। व्यापारियों का कहना है कि भारत, यूरोपीय संघ और थाईलैंड में चीनी उत्पादन में गिरावट की उम्मीदों ने कीमतों को गिरने से रोक रखा है।

फ्रांस के कृषि मंत्रालय के अनुसार, भीषण गर्मी और सूखे के कारण देश में चुकंदर की फसल को भारी नुकसान हुआ है। इस साल फ्रांस में चुकंदर की पैदावार 1970 के दशक के बाद सबसे कम रहने का अनुमान है, जो यूरोपीय संघ में आपूर्ति की चिंताओं को और बढ़ाता है।

Back to latest news

LATEST