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अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतों में तेज साप्ताहिक बढ़त

Summary
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव बढ़ने से होर्मुज जलडमरूमध्य के जरिए ऊर्जा आपूर्ति में बाधा की आशंका बढ़ गई है, जिससे कच्चे तेल की कीमतें इस सप्ताह 10% तक बढ़ गई हैं।
अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य शत्रुता बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतें शुक्रवार को एशियाई कारोबार में बढ़ीं और एक बड़ी साप्ताहिक बढ़त की ओर अग्रसर हैं। निवेशकों को चिंता है कि होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से ऊर्जा प्रवाह में लंबे समय तक व्यवधान आ सकता है, जिससे वैश्विक आपूर्ति प्रभावित होगी।
भू-राजनीतिक तनाव और बाजार की प्रतिक्रिया
Investing.com के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर में समाप्त होने वाले ब्रेंट ऑयल वायदा $95.67 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड वायदा $91.58 प्रति बैरल पर था। इस सप्ताह, ब्रेंट में लगभग 7% और WTI में 10% की भारी वृद्धि दर्ज होने की उम्मीद है, दोनों अनुबंध पिछले सत्र के दौरान छह सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गए।
यह मूल्य वृद्धि इस सप्ताह की शुरुआत में अमेरिका द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य के पास ईरानी ठिकानों पर किए गए हमलों के बाद हुई है। जवाब में, ईरान ने कुवैत, बहरीन और जॉर्डन सहित खाड़ी क्षेत्र में अमेरिकी और सहयोगी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए।
आपूर्ति संबंधी चिंताएं
Adबाजार विश्लेषकों का मुख्य ध्यान होर्मुज जलडमरूमध्य पर केंद्रित है, जो एक महत्वपूर्ण वैश्विक तेल पारगमन मार्ग है। ईरान द्वारा इस जलमार्ग से गुजरने वाले अंतरराष्ट्रीय शिपिंग पर प्रतिबंधों का विस्तार करने से यह चिंता बढ़ गई है कि आपूर्ति में व्यवधान बना रह सकता है, जिससे वैश्विक तेल बाजार और भी सख्त हो सकते हैं।
कीमतों को अमेरिकी इन्वेंट्री के आंकड़ों से भी समर्थन मिल रहा है। ऊर्जा सूचना प्रशासन (EIA) के अनुसार, 28 अगस्त को समाप्त सप्ताह में अमेरिकी वाणिज्यिक कच्चे तेल का भंडार घटकर लगभग 424.5 मिलियन बैरल रह गया, जो एक सप्ताह पहले 428.9 मिलियन बैरल था। अमेरिकी उपराष्ट्रपति जेडी वेंस ने गुरुवार को कहा कि जब तक तेहरान होर्मुज जलडमरूमध्य में वाणिज्यिक शिपिंग पर हमला करना बंद नहीं करता, तब तक अमेरिका ईरान के साथ बातचीत करने की योजना नहीं बना रहा है।
ओपेक+ की बैठक पर नजरें
बाजार की नजरें अब रविवार को होने वाली ओपेक+ (OPEC+) की बैठक पर भी हैं। रॉयटर्स ने सूत्रों के हवाले से बताया है कि यह समूह अक्टूबर के लिए अपनी तेल उत्पादन नीति को अपरिवर्तित रख सकता है। हालांकि, होर्मुज में व्यवधानों ने समूह के उत्पादन निर्णयों के प्रभाव को कम कर दिया है, क्योंकि आपूर्ति संबंधी जोखिम फिलहाल कीमतों को दिशा दे रहे हैं।