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मध्य पूर्व में अमेरिकी-ईरानी हमलों के बाद तेल की कीमतों में 3% से ज़्यादा का उछाल

मध्य पूर्व में संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव के कारण सोमवार को तेल की कीमतों में 3% से अधिक की जोरदार तेजी आई। इस उछाल ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखलाओं पर संभावित प्रभाव को लेकर बाज़ारों में चिंता पैदा कर दी है।
हमलों का विवरण और बढ़ता तनाव
यह मूल्य वृद्धि उन रिपोर्टों के बाद हुई है जिनमें कहा गया है कि अमेरिका द्वारा हमले शुरू करने के बाद ईरान ने खाड़ी देशों पर अपने हमलों का दायरा बढ़ा दिया है। रॉयटर्स के अनुसार, इन घटनाओं ने होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के माध्यम से होने वाले महत्वपूर्ण ऊर्जा शिपमेंट के लिए एक बड़ा खतरा पैदा कर दिया है, जो एक प्रमुख वैश्विक तेल पारगमन मार्ग है।
बाज़ार पर असर और प्रमुख आंकड़े
इस भू-राजनीतिक अस्थिरता का असर कच्चे तेल के वायदा बाज़ार पर तुरंत देखने को मिला। 2204 GMT तक के आंकड़ों के अनुसार, कीमतों में निम्नलिखित बदलाव देखे गए:
Ad- ब्रेंट क्रूड वायदा $2.67 या 3.51% चढ़कर $78.68 प्रति बैरल पर पहुँच गया।
- यू.एस. वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड $2.48 या 3.47% बढ़कर $73.89 प्रति बैरल हो गया।
निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है?
मध्य पूर्व में किसी भी तरह का सैन्य संघर्ष तेल की कीमतों में एक "भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम" (geopolitical risk premium) जोड़ देता है, क्योंकि यह आपूर्ति में व्यवधान की आशंका को बढ़ाता है। होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया के तेल का एक बड़ा हिस्सा गुजरता है, और यहाँ किसी भी तरह की रुकावट वैश्विक आपूर्ति को गंभीर रूप से बाधित कर सकती है। निवेशक इस क्षेत्र में स्थिति के विकास पर कड़ी नजर रखेंगे, क्योंकि आगे किसी भी तनाव से कीमतों में और अस्थिरता आ सकती है।