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होर्मुज जलडमरूमध्य में गतिरोध से तेल की कीमतें दो सप्ताह के उच्चतम स्तर पर

Summary
अमेरिका-ईरान तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य में नाकाबंदी जारी रहने और लाल सागर में हमलों के चलते कच्चे तेल की कीमतें लगभग दो सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं।
मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव बढ़ने से बुधवार को तेल की कीमतों में तेजी आई, जो लगभग दो सप्ताह के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई। यह वृद्धि मुख्य रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य में अमेरिका और ईरान के बीच जारी गतिरोध और लाल सागर में शिपिंग पर लगातार हो रहे हमलों के कारण हुई है, जिससे आपूर्ति बाधित होने की चिंता बढ़ गई है।
कीमतों का विवरण
बुधवार को शुरुआती कारोबार के दौरान, ब्रेंट क्रूड वायदा 0.7% बढ़कर $89.55 प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड वायदा 0.8% चढ़कर $83.89 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। इन आंकड़ों ने हाल के दिनों में तेल की कीमतों में देखी गई तेजी को और मजबूत किया है।
आपूर्ति संबंधी चिंताएँ प्रमुख कारण
कीमतों में इस उछाल के पीछे दो प्रमुख कारक हैं। पहला, होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने पर अमेरिका और ईरान के बीच बातचीत में कोई खास प्रगति नहीं हुई है। ईरान ने स्पष्ट किया है कि जब तक उसकी मुआवजे की मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक यह महत्वपूर्ण जलमार्ग बंद रहेगा।
Ad- होर्मुज जलडमरूमध्य वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है, क्योंकि संघर्ष से पहले दुनिया की लगभग 20% तेल आपूर्ति इसी मार्ग से होती थी।
- दूसरा, यमन के ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों द्वारा लाल सागर और बाब अल-मंडेब जलडमरूमध्य में जहाजों पर हमले जारी हैं, जिससे आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए जोखिम और बढ़ गया है।
बाजार का दृष्टिकोण
मध्य पूर्व में जारी इन घटनाओं से संकेत मिलता है कि संघर्ष के जल्द शांत होने की संभावना कम है। बाजार निवेशक आपूर्ति में और बाधाओं की आशंका जता रहे हैं, जो कच्चे तेल की कीमतों को ऊंचा बनाए रख सकता है। जब तक इन भू-राजनीतिक तनावों का कोई समाधान नहीं निकलता, तेल बाजार में अनिश्चितता और कीमतों में अस्थिरता बने रहने की उम्मीद है।