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ट्रम्प द्वारा ईरान पर हमला रद्द करने के बाद तेल की कीमतें 3-सप्ताह के निचले स्तर पर

Summary
अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प द्वारा ईरान के साथ सैन्य टकराव टालने और नई बातचीत की घोषणा के बाद कच्चे तेल की कीमतों में भारी गिरावट आई, जिससे भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम कम हो गया।
सोमवार को एशियाई कारोबार के दौरान कच्चे तेल की कीमतों में लगभग 5% की भारी गिरावट आई, जो तीन सप्ताह का निचला स्तर है। यह गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के उस बयान के बाद आई जिसमें उन्होंने ईरान पर नियोजित सैन्य हमले को रद्द करने और सोमवार से बातचीत फिर से शुरू करने की घोषणा की।
भू-राजनीतिक तनाव में कमी
राष्ट्रपति ट्रम्प ने रविवार को कहा कि तेहरान और कई मध्य पूर्वी देशों द्वारा बातचीत के लिए समय मांगे जाने के बाद उन्होंने ईरान पर एक बड़े नियोजित अमेरिकी सैन्य हमले को रोक दिया। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि बातचीत का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना और यह सुनिश्चित करना है कि ईरान अपनी परमाणु महत्वाकांक्षाओं को छोड़ दे।
इस घोषणा से मध्य पूर्व में तत्काल सैन्य टकराव की आशंका कम हो गई है, जिससे तेल की कीमतों से जुड़ा भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम घट गया है। निवेशकों ने इस घटनाक्रम को आपूर्ति में व्यवधान की संभावना में कमी के रूप में देखा, जिससे कीमतों पर दबाव पड़ा।
बाजार पर असर और OPEC+ का फैसला
कीमतों में गिरावट के конкретные आंकड़े इस प्रकार हैं:
Ad- ब्रेंट ऑयल फ्यूचर्स (अक्टूबर वायदा) 4.8% गिरकर $83.68 प्रति बैरल पर आ गया।
- वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड फ्यूचर्स 4.9% गिरकर $80.50 प्रति बैरल पर आ गया।
तेल की कीमतों पर दबाव OPEC+ के रविवार को लिए गए एक फैसले से भी बढ़ा। उत्पादक समूह ने सितंबर से उत्पादन कोटा में लगभग 188,000 बैरल प्रति दिन की वृद्धि करने पर सहमति व्यक्त की है। यह कदम 2023 में शुरू की गई स्वैच्छिक उत्पादन कटौती को समाप्त करने की प्रक्रिया का हिस्सा है और यह संकेत देता है कि समूह भू-राजनीतिक जोखिमों में कमी के संकेतों के बीच धीरे-धीरे उत्पादन बहाल करने के लिए प्रतिबद्ध है।
पिछला संदर्भ
यह गिरावट पिछले सप्ताह की तेजी के ठीक विपरीत है, जब संघर्ष खाड़ी से आगे फैलता दिख रहा था। ईरान समर्थित समूहों द्वारा सऊदी तेल सुविधाओं पर ड्रोन हमलों, मिस्र के डेमिएटा बंदरगाह पर प्राकृतिक गैस के जहाजों पर हमलों और होर्मुज जलडमरूमध्य तथा लाल सागर दोनों में शिपिंग मार्गों को लक्षित किए जाने से चिंता बढ़ गई थी। इन घटनाओं ने क्षेत्रीय ऊर्जा बुनियादी ढांचे और शिपिंग में व्यापक व्यवधान की आशंका जताई थी, जिससे ब्रेंट क्रूड की कीमत संक्षिप्त रूप से $90 प्रति बैरल से ऊपर चली गई थी।