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ट्रंप द्वारा ईरानी शिपिंग नाकाबंदी बहाल करने के बाद तेल की कीमतों में उछाल जारी

ईरान के साथ बढ़ते तनाव के बीच अमेरिका द्वारा एक प्रमुख शिपिंग मार्ग पर समुद्री नाकाबंदी फिर से लागू करने के बाद मंगलवार को एशियाई कारोबार में कच्चे तेल की कीमतों में जोरदार तेजी जारी रही। इस कदम ने वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर निवेशकों की चिंताओं को बढ़ा दिया है, जिससे पिछले सत्र में कीमतों में लगभग 10% का उछाल आया था।
भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा
Investing.com की रिपोर्ट के अनुसार, यह तेजी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की उस घोषणा के बाद आई है जिसमें कहा गया था कि संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान पर नौसैनिक नाकाबंदी बहाल करेगा। वाशिंगटन ने होरमुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले कार्गो पर सुरक्षा लागत को कवर करने के लिए 20% का शुल्क लगाने की भी घोषणा की है।
यह निर्णय अमेरिका और ईरानी सेना के बीच हालिया मिसाइल और ड्रोन हमलों के बाद आया है, जिसने पिछले महीने तनाव कम करने के लिए बनी एक नाजुक सहमति को प्रभावी ढंग से समाप्त कर दिया है। अमेरिकी सेना ने कहा कि वह मंगलवार से नाकाबंदी लागू करना शुरू कर देगी, जिसका लक्ष्य ईरान से जुड़े जहाजों के यातायात को रोकना है।
Adबाजार पर असर
नवीनतम मूल्य वृद्धि के अनुसार, सितंबर में समाप्त होने वाला ब्रेंट ऑयल वायदा 2.1% बढ़कर $85.01 प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड वायदा भी 2.1% बढ़कर $79.78 प्रति बैरल हो गया। सोमवार को दोनों बेंचमार्क ने महीनों में अपनी सबसे बड़ी एक दिवसीय प्रतिशत बढ़त दर्ज की थी।
निवेशकों को चिंता है कि किसी भी तरह की सैन्य वृद्धि या जवाबी कार्रवाई से खाड़ी से तेल के प्रवाह में बाधा आ सकती है, जहां से वैश्विक तेल खपत का लगभग पांचवां हिस्सा गुजरता है। ऊर्जा की बढ़ती लागत के वैश्विक विकास और केंद्रीय बैंक की नीति पर संभावित प्रभाव के कारण तेल की कीमतों में इस उछाल ने व्यापक वित्तीय बाजारों पर भी असर डाला है, जिससे इक्विटी पर दबाव पड़ा है और मुद्रास्फीति की चिंताएं बढ़ी हैं।