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मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने से कच्चे तेल में तेजी, आपूर्ति की चिंताएं बढ़ीं

Summary
मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते संघर्ष ने तेल आपूर्ति में व्यवधान की आशंकाओं को हवा दी है, जिससे ब्रेंट क्रूड 97 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है।
मध्य पूर्व में संघर्ष के लंबे समय तक खिंचने के जोखिम के कारण मंगलवार को तेल की कीमतों में बढ़त जारी रही, क्योंकि ईरान ने जवाबी कार्रवाई की धमकी दी है, जिससे आपूर्ति बाधित होने की चिंताएं बढ़ गई हैं। इस भू-राजनीतिक तनाव के कारण निवेशक और व्यापारी बाजार पर कड़ी नजर रख रहे हैं।
कीमतों में नवीनतम उछाल
रॉयटर्स के आंकड़ों के अनुसार, ब्रेंट क्रूड वायदा 34 सेंट या 0.35% बढ़कर $97.34 प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, यू.एस. वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड $1.15 या 1.26% की बढ़त के साथ $92.63 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था।
यह तेजी पिछले सत्र में भी देखी गई थी, जब ब्रेंट जुलाई के बाद से अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया था। व्यापारियों ने होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास बढ़ते तनाव के कारण कीमतों में एक "जोखिम प्रीमियम" (risk premium) जोड़ना जारी रखा है, जो वैश्विक कच्चे तेल के शिपमेंट के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है। यह घटनाक्रम सप्ताहांत में अमेरिका और ईरान के बीच जवाबी हमलों के बाद आया है, जिसमें ईरान के मुख्य तेल निर्यात केंद्र, खार्ग द्वीप के पास तीन ईरानी तेल टैंकरों पर अमेरिकी सेना ने हमला किया था।
बाजार का नजरिया और विश्लेषकों की राय
Adविश्लेषकों का मानना है कि यह तनाव निकट भविष्य में तेल की कीमतों को ऊंचा रख सकता है।
- ANZ के विश्लेषक डेनियल हाइन्स ने एक नोट में कहा, "मध्य पूर्व संघर्ष के हालिया बढ़ने से अमेरिका और ईरान द्वारा सैन्य कार्रवाई के साथ एक लंबे गतिरोध की संभावना बढ़ गई है। इसके चलते 2026 के बाकी समय में फारस की खाड़ी से आपूर्ति बाधित रह सकती है।"
- गोल्डमैन सैक्स ने भी मध्य पूर्व में शिपिंग व्यवधानों के 2027 तक जारी रहने की अपनी नई धारणा को दर्शाते हुए अपने मूल्य पूर्वानुमानों को संशोधित किया है। बैंक ने दिसंबर 2026 के लिए ब्रेंट और WTI के पूर्वानुमान को $5 बढ़ाकर क्रमशः $85 और $80 कर दिया है।
- वित्तीय सेवा प्लेटफॉर्म Marex के विश्लेषक एड मीर ने कहा कि जब तक युद्ध जारी रहेगा, कच्चे तेल की कीमतें साल के अंत तक ऊंची बनी रह सकती हैं।
निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है
मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक अस्थिरता पारंपरिक रूप से तेल बाजारों में अस्थिरता का एक प्रमुख कारक रही है। मौजूदा स्थिति आपूर्ति श्रृंखलाओं के लिए एक महत्वपूर्ण जोखिम प्रस्तुत करती है, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य के माध्यम से होने वाले शिपमेंट के लिए। निवेशकों को किसी भी तरह के सैन्य तनाव में वृद्धि या कमी के संकेतों पर ध्यान देना चाहिए, क्योंकि इससे कीमतों में तेज उतार-चढ़ाव हो सकता है। जब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक तेल की कीमतों में जोखिम प्रीमियम बने रहने की संभावना है।