Story
नेपाल आपदा: ग्लेशियर टूटने से आई बाढ़ में सैकड़ों लापता, बचाव अभियान जारी

Summary
नेपाल-चीन सीमा पर ग्लेशियर के एक हिस्से के टूटने से आई विनाशकारी बाढ़ के बाद बचावकर्मी जीवित बचे लोगों की तलाश कर रहे हैं। इस आपदा में 150 से अधिक लोगों की मौत हो गई है और 400 से ज़्यादा पर्यटक लापता हैं, जिससे क्षेत्र के पर्यटन और व्यापार पर गंभीर असर पड़ा है।
नेपाल-चीन सीमा पर ग्लेशियर का एक हिस्सा टूटने से आई विनाशकारी बाढ़ और भूस्खलन के बाद बचावकर्मी सैकड़ों लापता लोगों की तलाश कर रहे हैं। इस आपदा में अब तक 150 से ज़्यादा लोगों की मौत हो चुकी है, और लापता लोगों में बड़ी संख्या में विदेशी पर्यटक भी शामिल हैं, जिससे इस हिमालयी क्षेत्र में पर्यटन और व्यापार को भारी झटका लगा है।
आपदा का पैमाना और कारण
यह आपदा बुधवार को नेपाल और चीन के तिब्बत क्षेत्र की सीमा पर एक नदी में मिट्टी और चट्टान का एक बड़ा हिस्सा गिरने के बाद आई। रॉयटर्स के अनुसार, इस घटना ने विनाशकारी बाढ़ को जन्म दिया जिसने पहाड़ी कस्बों और घाटियों को अपनी चपेट में ले लिया। नेपाल पुलिस ने बुधवार देर रात तक 157 शव बरामद करने की पुष्टि की है।
नेपाल के पर्यटन मंत्रालय ने मीडिया को बताया कि 400 से अधिक लापता पर्यटकों में लगभग 340 विदेशी नागरिक हैं। इनमें से कई कैलाश मानसरोवर के तीर्थयात्री थे। यूएस जियोलॉजिकल सर्वे ने स्पष्ट किया कि आपदा के समय दर्ज की गई भूकंपीय ऊर्जा ग्लेशियर की चट्टान और बर्फ के टूटने से उत्पन्न हुई थी, न कि किसी भूकंप के कारण।
बचाव कार्य और आर्थिक प्रभाव
दोनों देशों में बचाव अभियान जारी है, लेकिन खराब मौसम और दुर्गम इलाका बाधा बन रहा है। हेलीकॉप्टरों का उपयोग जीवित बचे लोगों को निकालने के लिए किया जा रहा है, लेकिन नेपाल के रसुवा जिले के स्याप्रू बेसी और तिमुरे जैसे प्रभावित क्षेत्रों में वे उतर नहीं पा रहे हैं।
Adइस आपदा ने क्षेत्र के बुनियादी ढांचे को गंभीर रूप से क्षतिग्रस्त कर दिया है। घर, सड़कें और कई जलविद्युत परियोजनाएं बह गई हैं, जिससे बिजली आपूर्ति ठप हो गई है। चीन की समाचार एजेंसी शिन्हुआ के अनुसार, एक प्रमुख व्यापार मार्ग, जीरोंग (Gyirong) बंदरगाह पर भूस्खलन हुआ है, जिससे सड़कें, संचार और बिजली संपर्क टूट गए हैं। यह सीमा पार व्यापार के लिए एक महत्वपूर्ण आर्थिक क्षति है।
अंतरराष्ट्रीय प्रतिक्रिया और क्षेत्रीय प्रभाव
कई देशों ने अपने नागरिकों के लापता होने की पुष्टि की है और स्थिति पर नजर रख रहे हैं। नेपाल पर्यटन बोर्ड के एक प्रवक्ता ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि लापता लोगों में निम्न देशों के नागरिक शामिल हैं:
- संयुक्त राज्य अमेरिका: 47
- ऑस्ट्रेलिया: 34
- ब्रिटेन: 33
- कनाडा: 24
संयुक्त राष्ट्र ने कहा है कि उसकी टीमें प्रभावित समुदायों की सहायता के लिए नेपाल में आपूर्ति और कर्मियों को जुटा रही हैं। इस बीच, बाढ़ का पानी नीचे की ओर बहने के कारण भारत के उत्तरी राज्यों उत्तर प्रदेश और बिहार में भी बाढ़ का अलर्ट जारी किया गया है। बिहार के अधिकारियों ने लगभग 5,000 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है।