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मध्यस्थता मामले में मेक्सिको वल्कन मटेरियल्स को $1.5 करोड़ देगा, दावा $1.7 अरब का था

Summary
एक अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने फैसला सुनाया है कि मेक्सिको अमेरिकी खनन कंपनी वल्कन मटेरियल्स को लगभग $1.5 करोड़ का भुगतान करेगा। यह राशि कंपनी द्वारा अपने खनन कार्यों को बंद करने पर मांगे गए $1.7 अरब के दावे का 1% से भी कम है।
एक अंतरराष्ट्रीय मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने फैसला सुनाया है कि मेक्सिको सरकार अमेरिकी खनन कंपनी वल्कन मटेरियल्स को लगभग $1.5 करोड़ का भुगतान करेगी। यह राशि कंपनी द्वारा मांगे गए $1.7 अरब के भारी-भरकम दावे के मुकाबले बहुत कम है, जो मूल दावे का 1% से भी कम है।
मध्यस्थता का फैसला
यह मामला 2018 में वल्कन की मैक्सिकन इकाई, कैलिजास इंडस्ट्रियल्स डेल कारमेन (Calizas Industriales del Carmen) द्वारा उत्तरी अमेरिकी मुक्त व्यापार समझौते (NAFTA) के तहत दायर किया गया था। कंपनी ने यह कदम तब उठाया जब मैक्सिकन अधिकारियों ने क्विंटाना रू राज्य में उसके चूना पत्थर निष्कर्षण कार्यों को बंद कर दिया था।
मेक्सिको के अर्थव्यवस्था मंत्रालय के अनुसार, मध्यस्थता न्यायाधिकरण ने वल्कन के लगभग सभी दावों को खारिज कर दिया। मंत्रालय ने सोमवार को कहा कि न्यायाधिकरण ने जनवरी 2018 में केवल एक साइट को बंद करने से संबंधित दावे को ही बरकरार रखा। रॉयटर्स को एक सरकारी सूत्र ने बताया कि मुआवजे की राशि लगभग $1.5 करोड़ होगी।
दोनों पक्षों की प्रतिक्रिया
वल्कन मटेरियल्स ने सोमवार को कहा कि न्यायाधिकरण ने यह निर्धारित किया कि मेक्सिको ने कई क्षेत्रों में नाफ्टा (NAFTA) का उल्लंघन किया था। हालांकि, कंपनी ने दिए गए वित्तीय मुआवजे को "नगण्य" बताया लेकिन विशिष्ट राशि का खुलासा नहीं किया। कंपनी का तर्क था कि मेक्सिको ने उसके भंडार के एक हिस्से को जारी करने के उद्देश्य से एक समझौते की अवहेलना की और उसके निष्कर्षण कार्यों को "मनमाने ढंग से बंद" करने का आदेश दिया।
Adदूसरी ओर, मेक्सिको सरकार इस फैसले को एक बड़ी जीत के रूप में देख रही है, क्योंकि मुआवजा कंपनी की शुरुआती मांग का एक छोटा सा अंश मात्र है।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह विवाद पर्यावरण संबंधी चिंताओं पर केंद्रित है। मेक्सिको के पूर्व राष्ट्रपति एंड्रेस मैनुअल लोपेज ओब्रेडोर ने वल्कन पर गंभीर पर्यावरणीय क्षति का आरोप लगाया था। इन आरोपों में दशकों से जल स्तर के नीचे चूना पत्थर निकालने से सेनोट्स (प्राकृतिक सिंकहोल) को नष्ट करना और भूमिगत नदियों को दूषित करना शामिल था।
इसके जवाब में, वल्कन ने मैक्सिकन सरकार पर अपनी संपत्ति का अवैध रूप से अधिग्रहण करने का आरोप लगाया था। इस विवाद के बाद, प्रभावित भूमि को बाद में एक पर्यावरण संरक्षण क्षेत्र घोषित कर दिया गया था। यह मामला निवेशकों के लिए अंतरराष्ट्रीय समझौतों के तहत निवेश सुरक्षा और मेजबान देशों के नियामक अधिकारों के बीच तनाव को उजागर करता है।