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फेड के फैसले के बाद 30-वर्षीय बॉन्ड यील्ड 19 साल के उच्चतम स्तर पर

Summary
अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों को स्थिर रखने के बावजूद, लंबी अवधि के बॉन्ड यील्ड में भारी उछाल आया, जो दीर्घकालिक मुद्रास्फीति को लेकर निवेशकों की चिंताओं को दर्शाता है।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व (फेड) द्वारा बुधवार को ब्याज दरों को अपरिवर्तित रखने के फैसले के बाद लंबी अवधि के बॉन्ड बाजार में बेचैनी देखी गई। 30-वर्षीय अमेरिकी ट्रेजरी बॉन्ड पर यील्ड उछलकर 19 वर्षों के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई, जो यह संकेत देता है कि निवेशक फेड की भविष्य की मुद्रास्फीति से निपटने की क्षमता को लेकर चिंतित हैं।
फेड के फैसले पर बाजार की प्रतिक्रिया
हालांकि फेड ने अपनी नीतिगत दर को स्थिर रखा, लेकिन यह फैसला सर्वसम्मत नहीं था। तीन नीति-निर्माताओं ने दर में वृद्धि के पक्ष में मतदान किया, जो 1970 के बाद से किसी नए फेड अध्यक्ष के खिलाफ सबसे महत्वपूर्ण असहमति है। इस विभाजन ने बाजार की अनिश्चितता को और बढ़ा दिया।
फेड के इस निर्णय के बाद, 30-वर्षीय बॉन्ड पर यील्ड में तेज वृद्धि हुई और यील्ड कर्व (yield curve) और भी स्टीप हो गया। यह बाजार की इस चिंता को दर्शाता है कि फेड भविष्य में लक्ष्य से अधिक मुद्रास्फीति को सहन कर सकता है। फेड के अध्यक्ष केविन वार्श ने संकेत दिया कि बॉन्ड बाजार आक्रामक रूप से सख्ती करके फेड के काम का कुछ हिस्सा कर रहा है।
तकनीकी शेयरों में मिला-जुला प्रदर्शन
फेड के फैसले के बाद वॉल स्ट्रीट के शेयर लाल निशान में बंद हुए, और निवेशकों की नजरें बड़ी तकनीकी कंपनियों के नतीजों पर टिकी रहीं।
Ad- मेटा (Meta): कंपनी के शेयरों में आफ्टर-आवर्स ट्रेडिंग में 7% की गिरावट आई। यह गिरावट आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर भारी खर्च के कारण फ्री कैश फ्लो में कमी की चिंताओं से प्रेरित थी। कंपनी का दूसरी तिमाही का फ्री कैश फ्लो साल-दर-साल 91% घटकर $8.55 बिलियन से $784 मिलियन रह गया।
- माइक्रोसॉफ्ट (Microsoft): इसके विपरीत, माइक्रोसॉफ्ट के शेयरों में 8% से अधिक की छलांग देखी गई। कंपनी के क्लाउड कारोबार ने उम्मीदों से बेहतर प्रदर्शन किया और उसके AI उत्पादों से राजस्व सृजन की संभावनाओं को बाजार ने सराहा।
- क्वालकॉम (Qualcomm): चिप निर्माता कंपनी क्वालकॉम के नतीजे भी अनुमान से कमजोर रहे।
वैश्विक बाजार और आगामी घटनाक्रम
एशियाई बाजारों में, दक्षिण कोरिया का KOSPI सूचकांक सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स के मजबूत नतीजों के बावजूद दिन के अंत में 1% गिरकर बंद हुआ। सैमसंग ने अपने चिप मुनाफे में 250 गुना वृद्धि दर्ज की थी। उधर, ईरान और अमेरिका के बीच नए हमलों के बाद तेल की कीमतें कल लगभग 8% बढ़ गईं, जिससे मुद्रास्फीति का दबाव और बढ़ गया है।
निवेशक अब आगे के घटनाक्रमों पर ध्यान केंद्रित कर रहे हैं, जिनमें बैंक ऑफ इंग्लैंड का नीतिगत निर्णय, अमेरिका के जून माह के मुद्रास्फीति (PCE) और दूसरी तिमाही के जीडीपी के आंकड़े शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, गुरुवार को बाजार बंद होने के बाद अमेज़ॅन और एप्पल के तिमाही नतीजे भी जारी होंगे।