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ईरान-अमेरिका तनाव बढ़ा: खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों पर ईरानी हमले, तेल बाज़ार में हलचल

ईरान के सशस्त्र बलों ने गुरुवार को खाड़ी देशों में स्थित अमेरिकी सैन्य बुनियादी ढांचे पर हमले किए, जो तीन सप्ताह पुराने संघर्ष-विराम का एक और उल्लंघन है। यह कार्रवाई ईरान के दक्षिणी और पूर्वी प्रांतों पर अमेरिकी हमलों के बाद हुई, जिससे मध्य पूर्व में तनाव खतरनाक रूप से बढ़ गया है।
हमलों का विवरण
ईरान की सेना ने सरकारी मीडिया द्वारा जारी एक बयान में कहा कि उसने कई अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाया है। इनमें शामिल हैं:
- कुवैत में अमेरिकी पैट्रियट मिसाइल सिस्टम
- कतर में एक पूर्व-चेतावनी निगरानी स्थल
- बहरीन में एक अमेरिकी सेना का ईंधन डिपो
ईरान के रिवोल्यूशनरी गार्ड्स ने बाद में दावा किया कि उन्होंने जॉर्डन के अज़राक सैन्य अड्डे पर 10 बैलिस्टिक मिसाइलें दागीं, जिसका इस्तेमाल अमेरिकी सेना करती है। कुवैत ने अपने हवाई क्षेत्र में एक क्रूज मिसाइल, तीन बैलिस्टिक मिसाइलों और 10 ड्रोनों को रोकने की पुष्टि की, जिसमें छर्रे गिरने से एक व्यक्ति घायल हो गया। जॉर्डन ने भी कहा कि उसने आठ मिसाइलों को सफलतापूर्वक रोक दिया।
अमेरिकी प्रतिक्रिया और पृष्ठभूमि
Adयह तनाव ऐसे समय में बढ़ा है जब ईरान ने अपने सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई को दफनाया, जिनकी 28 फरवरी को एक हवाई हमले में मौत हो गई थी। अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने बुधवार को कहा था कि उसके बलों ने लगभग 90 ईरानी सैन्य ठिकानों पर हमला किया था। अमेरिकी अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई ईरानी सेना द्वारा क्षेत्र में तीन तेल टैंकरों पर हमला करने के प्रतिशोध में थी।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने संघर्ष-विराम को "खत्म" घोषित कर दिया है, हालांकि एक अन्य अमेरिकी अधिकारी ने कहा कि ईरान के साथ समाधान खोजने के लिए "तकनीकी बातचीत जारी है"। अमेरिकी सेना ने कहा कि उसके हमलों का उद्देश्य होर्मुज जलडमरूमध्य को खुला रखना था, जहां से युद्ध से पहले दुनिया की लगभग 20% तेल आपूर्ति होती थी।
बाज़ार पर असर और कूटनीतिक प्रयास
इस सैन्य वृद्धि की खबर से वैश्विक तेल बाज़ारों में चिंता बढ़ गई, जिससे कच्चे तेल की कीमतों में तेज़ी आई, हालांकि बाद में वे कुछ हद तक स्थिर हो गईं। होर्मुज जलडमरूमध्य पर नियंत्रण को लेकर अमेरिका और ईरान के बीच टकराव वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति श्रृंखला के लिए एक बड़ा जोखिम बना हुआ है। ईरान का दावा है कि जलडमरूमध्य से यातायात युद्ध-पूर्व स्तर के 50% तक पहुँच गया है, लेकिन यह केवल तेहरान द्वारा निर्धारित मार्गों के तहत ही संभव है।
इस बीच, कूटनीतिक प्रयास भी जारी हैं। कतर, तुर्की और ओमान जैसे देशों ने दोनों पक्षों से सैन्य तनाव कम करने और बातचीत पर लौटने का आह्वान किया है। हालांकि, ईरान के शीर्ष वार्ताकार ने कहा है कि "होर्मुज जलडमरूमध्य केवल ईरानी व्यवस्था के तहत फिर से खुलेगा, न कि अमेरिकी धमकियों से।"