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होरमुज़ जलडमरूमध्य: ईरान ने ओमान के साथ समझौते को 'अंतिम चरण' में बताया, लेकिन अमेरिका से रखीं शर्तें

Summary
ईरान ने कहा है कि होरमुज़ जलडमरूमध्य में नए शिपिंग लेन को लेकर ओमान के साथ एक समझौता अंतिम चरण में है। हालांकि, जलमार्ग को फिर से खोलने के लिए उसने अमेरिका के सामने कई शर्तें रखी हैं, जिनमें मुआवज़ा और प्रतिबंधों को हटाना शामिल है।
ईरान ने रविवार को कहा कि होरमुज़ जलडमरूमध्य में नए शिपिंग लेन को परिभाषित करने के लिए ओमान के साथ एक समझौता अपने 'अंतिम चरण' में है। हालांकि, तेहरान ने इस बात पर ज़ोर दिया कि यह महत्वपूर्ण जलमार्ग तभी फिर से खुलेगा जब संयुक्त राज्य अमेरिका उसकी अन्य शर्तों को पूरा करेगा।
समझौते का विवरण और ईरान की शर्तें
ईरानी विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची ने पुष्टि की कि दोनों देशों के बीच स्थित जलडमरूमध्य पर समझौता अंतिम रूप ले रहा है। ईरान की मेहर समाचार एजेंसी ने उनके हवाले से कहा कि यह समझौता उन नए शिपिंग लेनों को निर्धारित करेगा जिनका उपयोग अमेरिका द्वारा शर्तें पूरी किए जाने के बाद किया जाएगा।
अराक़ची ने स्पष्ट किया कि ईरान और अमेरिका के बीच कोई सीधी बातचीत नहीं हो रही है, और संदेशों का आदान-प्रदान मध्यस्थों के माध्यम से किया जा रहा है। जलडमरूमध्य को फिर से खोलने के लिए ईरान की प्रमुख शर्तों में शामिल हैं:
- अमेरिकी हमलों के लिए ईरान को मुआवज़ा।
- ईरान के खिलाफ अमेरिकी धमकियों और आक्रामकता का अंत।
- ईरान पर लगी नाकाबंदी और प्रतिबंधों को हटाना।
- ज़ब्त की गई ईरानी संपत्तियों को जारी करना।
अमेरिकी दृष्टिकोण और बाजार पर प्रभाव
Adशुक्रवार को एक अमेरिकी अधिकारी ने रॉयटर्स को बताया था कि ईरान और ओमान के बीच एक समझौता करीब है, जिससे जलमार्ग जल्द ही फिर से खुल सकता है। यह जलमार्ग ईरान द्वारा अमेरिकी और इज़राइली हमलों के जवाब में इसे अवरुद्ध करने से पहले वैश्विक तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) के पांचवें हिस्से का परिवहन करता था।
अमेरिकी अधिकारी के अनुसार, जैसे ही वाणिज्यिक शिपिंग को बहाल करने के लिए समझौते की घोषणा होगी, अमेरिका ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी हटा देगा। यह बयान एक नाजुक राजनयिक प्रक्रिया की ओर इशारा करता है, जहाँ अमेरिकी कार्रवाई ईरान की प्रतिबद्धताओं के कार्यान्वयन से जुड़ी होगी। निवेशकों और ऊर्जा बाजारों के लिए, यह स्थिति अनिश्चितता बनाए रखती है। जब तक कोई ठोस समझौता नहीं हो जाता, भू-राजनीतिक जोखिम प्रीमियम तेल की कीमतों को समर्थन देता रहेगा।
बढ़ता क्षेत्रीय तनाव
यह कूटनीतिक प्रयास मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच हो रहा है। यमन स्थित ईरान के सहयोगी हूथियों ने रविवार को सऊदी अरामको की जाज़ान रिफाइनरी पर हमले का दावा किया। इसके अलावा, संयुक्त अरब अमीरात ने शनिवार को कहा था कि ईरान ने उसकी सरकारी तेल कंपनी से जुड़े एक जहाज पर हमला किया था।
ये घटनाएं इस क्षेत्र में व्यापक संघर्ष की तस्वीर पेश करती हैं, जो होरमुज़ जलडमरूमध्य को खोलने के लिए किसी भी समझौते को जटिल बना सकती हैं। सऊदी अरब, तुर्की और पाकिस्तान के बीच हाल ही में हुआ रक्षा समझौता भी इस क्षेत्र में बदलते रणनीतिक समीकरणों को रेखांकित करता है।