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हमास का कहना है, गाजा शांति समझौते से पहले इज़राइल को पुरानी प्रतिबद्धताएँ पूरी करनी होंगी

Summary
हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा है कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा घोषित गाजा शांति समझौते को तभी लागू किया जाएगा जब इज़राइल पिछले साल के शर्म अल-शेख समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करेगा।
हमास के एक वरिष्ठ अधिकारी ने शुक्रवार को रॉयटर्स को बताया कि पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा घोषित गाजा शांति समझौते का कार्यान्वयन इस बात पर निर्भर करेगा कि इज़राइल पहले पिछले साल हुए एक समझौते के तहत अपनी प्रतिबद्धताओं को पूरा करे। यह बयान क्षेत्र में स्थायी शांति स्थापित करने के प्रयासों में मौजूद जटिलताओं और गहरे अविश्वास को उजागर करता है।
हमास की प्रमुख शर्तें
ट्रम्प ने गुरुवार को अपने ट्रुथ सोशल प्लेटफॉर्म पर इसे गाजा में युद्ध समाप्त करने की दिशा में एक "बड़ी उपलब्धि" बताया था, जिसमें हमास और अन्य सशस्त्र समूहों के पूर्ण निरस्त्रीकरण की बात कही गई थी। इसके जवाब में, हमास ने एक बयान जारी कर कहा कि समझौते की दिशा में पहला कदम इज़राइल द्वारा "हत्या रोकने और अपने हमले समाप्त करने" की प्रतिबद्धता होनी चाहिए।
हमास के अधिकारी गाजी हमद ने कहा कि समूह एक "कठिन और दर्दनाक" समझौते को स्वीकार करने के लिए तैयार है, लेकिन यह शर्म अल-शेख समझौते के पहले चरण को लागू करने पर निर्भर करेगा। इस पुराने समझौते के तहत, हमास की मांगें हैं:
- इज़राइल गाजा में अपने हमले बंद करे।
- इज़राइली सेना अक्टूबर की स्थिति वाली अपनी चौकियों पर वापस लौटे।
- गाजा में आने वाले सामान और सहायता के प्रवाह को बढ़ाया जाए।
हमद ने स्पष्ट किया कि इन शर्तों के पूरा होने के बाद ही हमास अपने हथियार भंडारण के लिए गाजा के प्रशासन के लिए नई राष्ट्रीय समिति (NCAG) को सौंपेगा, जो एक फ़िलिस्तीनी टेक्नोक्रेटिक निकाय है।
इज़राइल का रुख और जमीनी हकीकत
Adदूसरी ओर, एक इज़राइली अधिकारी ने शुक्रवार को कहा कि इज़राइल की स्थिति स्पष्ट है: "जब तक हमास वास्तविक निरस्त्रीकरण से नहीं गुजरता, तब तक आईडीएफ वर्तमान येलो लाइन से बिल्कुल भी पीछे नहीं हटेगा।" यह दोनों पक्षों के बीच गतिरोध को दर्शाता है, जहाँ प्रत्येक पक्ष दूसरे से पहले कदम उठाने की उम्मीद कर रहा है।
ट्रम्प की घोषणा के कुछ ही घंटों के भीतर, गाजा के चिकित्सा अधिकारियों ने बताया कि कम से कम दो इज़राइली हवाई हमलों और गोलीबारी में एक फ़िलिस्तीनी की मौत हो गई और कई अन्य घायल हो गए। इस घटनाक्रम ने समझौते की घोषणा के बावजूद जमीनी स्तर पर तनावपूर्ण स्थिति को रेखांकित किया है, जिससे स्थानीय आबादी में संदेह बना हुआ है।
समझौते की रूपरेखा और अनिश्चितता
NCAG ने एक 15-सूत्रीय रोडमैप प्रकाशित किया है, जिसमें इज़राइल और हमास दोनों से शर्म अल-शेख समझौते को पूरी तरह से लागू करने का आह्वान किया गया है। दस्तावेज़ में भारी हथियारों, सैन्य उत्पादन स्थलों और सुरंगों को "सेवा से बाहर करने और संग्रहीत करने" की एक प्रक्रिया की रूपरेखा दी गई है, जिसे गाजा से इज़राइली सेना की चरणबद्ध वापसी से जोड़ा जाएगा।
विश्लेषकों का मानना है कि इस समझौते का भविष्य अनिश्चित है, क्योंकि दोनों पक्षों के बीच गहरा अविश्वास है और वे एक-दूसरे के कार्यों के क्रम पर सहमत नहीं हैं। जब तक यह मूलभूत मुद्दा हल नहीं हो जाता, तब तक किसी भी शांति समझौते का स्थायी रूप से लागू होना निवेशकों और क्षेत्रीय स्थिरता के लिए एक बड़ी चुनौती बना रहेगा।