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सोने की तेजी का तर्क मजबूत, कीमत अब सिर्फ फेडरल रिजर्व के रुख पर निर्भर नहीं

Summary
फेडरल रिजर्व के आक्रामक रुख के बावजूद, अमेरिकी राजकोषीय चिंताओं और डॉलर के कमजोर होने की आशंकाओं के कारण सोने की लंबी अवधि की तेजी का आधार मजबूत हो रहा है। निवेशक अब सोने पर दांव लगाने के लिए अधिक परिष्कृत तरीकों का इस्तेमाल कर रहे हैं।
अमेरिकी फेडरल रिजर्व के आक्रामक बयानों के कारण सोने की कीमतों में हालिया तेजी पर कुछ समय के लिए लगाम लगी, लेकिन कीमती धातु के लिए लंबी अवधि का तेजी का नजरिया और मजबूत होता दिख रहा है। बाजार का ध्यान अब केवल ब्याज दरों से हटकर अमेरिकी राजकोषीय साख और डॉलर के अवमूल्यन जैसे व्यापक कारकों पर केंद्रित हो रहा है।
फेड के रुख से परे सोने की नई कहानी
पिछले हफ्ते, जैक्सन होल संगोष्ठी में फेडरल रिजर्व के चेयरमैन केविन वॉर्श के बयानों ने सितंबर में ब्याज दर में बढ़ोतरी की संभावना को बढ़ा दिया, जिससे सोने की कीमतों पर तत्काल दबाव देखा गया। स्पॉट गोल्ड 2.9% गिरकर $4,567.23 प्रति औंस पर आ गया। वॉर्श ने जोर देकर कहा कि मुद्रास्फीति को 2% के लक्ष्य पर लाने के लिए फेड को "अभी और काम करना है।"
हालांकि, सोने की तेजी का एक नया और शक्तिशाली कारक अमेरिकी ट्रेजरी विभाग के اقدامات से उभर रहा है। ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेन्ट ने लंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड की पुनर्खरीद (buyback) को दोगुना करने की योजना की घोषणा की है। विश्लेषक इस कदम को डॉलर की तरलता बढ़ाने और लंबी अवधि की बॉन्ड यील्ड को नियंत्रित करने के प्रयास के रूप में देख रहे हैं, जो प्रभावी रूप से "मुद्रा अवमूल्यन व्यापार" (currency debasement trade) को बढ़ावा देता है और सोने जैसी सुरक्षित संपत्तियों को आकर्षक बनाता है।
वॉल स्ट्रीट का नजरिया और निवेश के नए तरीके
वॉल स्ट्रीट के प्रमुख बैंक सोने को लेकर उत्साहित हैं और इसे एक नए संरचनात्मक तेजी के दौर में प्रवेश करते हुए देख रहे हैं।
Ad- सिटी (Citi): ने अपने 0-3 महीने के लक्ष्य को $4,500 से बढ़ाकर $4,800 कर दिया है और 6-12 महीने का लक्ष्य $5,000 पर बनाए रखा है।
- डॉयचे बैंक (Deutsche Bank): का मानना है कि सोने का उचित मूल्य लगभग $4,700 है और साल के अंत तक यह $4,700-$5,100 की सीमा में रह सकता है।
- गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs): फेड द्वारा दरों में कटौती में देरी की उम्मीद के कारण 2026 के अंत के लक्ष्य को $5,400 से घटाकर $4,900 कर दिया है, लेकिन वे अभी भी संरचनात्मक रूप से तेजी का रुख रखते हैं।
दिलचस्प बात यह है कि निवेशक अब सोने में तेजी पर दांव लगाने के लिए अधिक परिष्कृत और कम लागत वाले तरीकों का उपयोग कर रहे हैं। साधारण कॉल ऑप्शन के बजाय, अब कॉल स्प्रेड (call spreads) और "एक्सोटिक ऑप्शंस" (exotic options) जैसे कि डुअल-डिजिटल ऑप्शंस (dual-digital options) लोकप्रिय हो रहे हैं। यह एक अधिक व्यवस्थित और टिकाऊ रैली का संकेत है, न कि सट्टा उन्माद का, जैसा कि इस साल की शुरुआत में देखा गया था।
आवंटन का गणित और मांग का आधार
सोने की तेजी के पीछे एक महत्वपूर्ण तर्क इसका "छोटे बाजार का विरोधाभास" (small market paradox) है। हालांकि दुनिया में मौजूद कुल सोने का मूल्य $30 ट्रिलियन से अधिक है, लेकिन संस्थागत निवेश के लिए उपलब्ध मुक्त प्रवाह (free float) बहुत छोटा है।
गोल्डमैन सैक्स के एक विश्लेषण के अनुसार, निजी वित्तीय पोर्टफोलियो में सोने के आवंटन में मात्र 0.01% (या 1 बेसिस पॉइंट) की वृद्धि से सोने की कीमत में लगभग 1.4% की बढ़ोतरी हो सकती है। यह दिखाता है कि संपत्ति आवंटन में एक छोटा सा बदलाव भी सोने की कीमतों पर कितना बड़ा प्रभाव डाल सकता है। इस मांग को केंद्रीय बैंकों द्वारा लगातार की जा रही खरीदारी और गोल्ड ईटीएफ (ETF) में बढ़ते निवेश से भी समर्थन मिल रहा है, जो सोने के लिए एक मजबूत आधार प्रदान करता है।