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फेडरल रिजर्व के फैसले और ट्रेडिंग में नरमी से गोल्डमैन सैक्स का शेयर 4% से ज्यादा लुढ़का

अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा 2023 के बाद पहली बार ब्याज दरों में बढ़ोतरी करने के बाद गोल्डमैन सैक्स (Goldman Sachs) के शेयर में दोपहर के कारोबार में 4.1% की भारी गिरावट आई, जिससे यह $936.89 पर पहुंच गया। फेड के आक्रामक रुख और कंपनी के प्रबंधन की टिप्पणियों ने बैंकिंग शेयरों पर दबाव बढ़ा दिया है।
फेड का फैसला और बाजार पर असर
फेडरल रिजर्व ने सर्वसम्मति से ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी का फैसला किया। इसके अलावा, जारी किए गए आर्थिक अनुमानों के सारांश (Summary of Economic Projections) से पता चला कि 18 में से 16 फेड अधिकारियों ने 2026 में कम से कम एक और दर वृद्धि की संभावना जताई है। यह संकेत निवेशकों की अपेक्षा से कहीं अधिक आक्रामक था, जिसने बैंकिंग क्षेत्र पर सीधा असर डाला।
- ऊंची ब्याज दरें बैंकों के नेट इंटरेस्ट मार्जिन (net interest margins) और पूंजी-बाजार गतिविधियों पर दबाव डालती हैं, जिन पर गोल्डमैन सैक्स काफी हद तक निर्भर है।
- इस खबर का असर व्यापक बाजार पर भी दिखा, जहां डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 1.5%, एसएंडपी 500 0.8% और नैस्डैक 0.4% गिर गया।
कंपनी की आंतरिक चुनौतियां
Adमैक्रोइकॉनॉमिक झटके के अलावा, गोल्डमैन सैक्स के सीईओ डेविड सोलोमन (David Solomon) ने बार्कलेज ग्लोबल फाइनेंशियल सर्विसेज कॉन्फ्रेंस (Barclays Global Financial Services Conference) में स्वीकार किया कि FICC (फिक्स्ड इनकम, करेंसी और कमोडिटीज) ट्रेडिंग "तुलनात्मक आधार पर थोड़ी नरम" रही है। हालांकि, उन्होंने इक्विटी कारोबार में मजबूती पर प्रकाश डाला और लगभग 6% राजस्व विस्तार पर 10% से अधिक आय वृद्धि का अनुमान लगाया, लेकिन ट्रेडिंग पर उनकी टिप्पणी ने निवेशकों की चिंताओं को बढ़ा दिया।
निवेशकों के लिए आगे का नजरिया
गोल्डमैन सैक्स के शेयर पहले से ही दबाव में थे, क्योंकि बैंक ऑफ अमेरिका (Bank of America) ने वॉल स्ट्रीट ट्रेडिंग व्यवसायों के लिए तीसरी तिमाही कमजोर रहने की चेतावनी दी थी। गोल्डमैन, जो संस्थागत ट्रेडिंग, अंडरराइटिंग और सलाहकार शुल्क पर बहुत अधिक निर्भर है, पूंजी-बाजार की मात्रा में किसी भी गिरावट के प्रति विशेष रूप से संवेदनशील है।
मौजूदा गिरावट के बाद, गोल्डमैन का शेयर अपने 52-सप्ताह के उच्चतम स्तर $1,153.99 से लगभग 19% नीचे कारोबार कर रहा है। बाजार अब अगली तिमाही नतीजों की घोषणा का इंतजार कर रहा है ताकि यह स्पष्ट हो सके कि क्या फर्म का विविध राजस्व आधार इन प्रतिकूल परिस्थितियों का सामना कर सकता है या नहीं।