Story

डॉलर में नरमी और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर उम्मीदों से सोने की कीमतों में तेजी

ENTHMSVIIDZHZH-TWJAKOHI
Aug 17, 20262 min read
डॉलर में नरमी और फेडरल रिजर्व की ब्याज दर उम्मीदों से सोने की कीमतों में तेजी

Summary

कमजोर अमेरिकी डॉलर और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की घटती उम्मीदों के कारण सोमवार को सोने की कीमतों में मामूली बढ़त दर्ज की गई।

Text size
Background

सोमवार को सोने की कीमतों में मामूली बढ़त देखी गई, जो $4,400 प्रति औंस के स्तर के करीब रहीं। इस तेजी को कमजोर अमेरिकी डॉलर और इस उम्मीद से समर्थन मिला कि फेडरल रिजर्व अपनी अगली नीतिगत बैठक में ब्याज दरों में बढ़ोतरी नहीं करेगा।

प्रमुख कारक और बाजार की चाल

Investing.com द्वारा रिपोर्ट किए गए आंकड़ों के अनुसार, सोमवार सुबह हाजिर सोना 0.4% बढ़कर $4,394.31 प्रति औंस पर पहुंच गया। इसी तरह, सोना वायदा 0.3% चढ़कर $4,451.62 प्रति औंस पर कारोबार कर रहा था। यह बढ़त पिछले सप्ताह की लगभग 1% की तेजी के बाद आई है, जिसे हाल के अमेरिकी आर्थिक आंकड़ों से बल मिला है।

हालिया रिपोर्टों से पता चला है कि अमेरिकी उपभोक्ता विश्वास सूचकांक में तीन महीनों में पहली बार गिरावट आई और खुदरा बिक्री में एक साल से अधिक समय में सबसे बड़ी मासिक गिरावट दर्ज की गई। इन कमजोर आंकड़ों ने फेडरल रिजर्व पर सितंबर में नीतिगत सख्ती करने का दबाव कम कर दिया है। ब्याज दरों में बढ़ोतरी की घटती संभावना सोने के लिए सकारात्मक है, क्योंकि इससे बिना ब्याज वाली इस संपत्ति को रखने की अवसर लागत (opportunity cost) कम हो जाती है।

फेडरल रिजर्व के मिनट्स पर नजर

निवेशकों की नजर अब बुधवार को जारी होने वाले फेडरल रिजर्व की जुलाई बैठक के विवरण (मिनट्स) पर है। इस दस्तावेज़ से निवेशकों को फेड की भविष्य की मौद्रिक नीति की दिशा के बारे में और सुराग मिलने की उम्मीद है।

Sample IUX Markets – In-articleAd

जुलाई की बैठक में, फेड ने ब्याज दरें अपरिवर्तित रखी थीं। हालांकि, फेड चेयरमैन केविन वार्श ने भविष्य की दरों पर कोई स्पष्ट मार्गदर्शन नहीं दिया, केवल यह दोहराया कि केंद्रीय बैंक मुद्रास्फीति को 2% के लक्ष्य पर वापस लाने के लिए प्रतिबद्ध है। निवेशक अब बैठक के विवरण से यह समझने की कोशिश करेंगे कि नीति निर्माताओं के बीच भविष्य की रणनीति को लेकर कितनी सहमति या असहमति है।

भू-राजनीतिक जोखिम और मुद्रास्फीति

बाजार में ऊर्जा की बढ़ती कीमतों से मुद्रास्फीति बढ़ने का खतरा एक प्रमुख चिंता का विषय बना हुआ है। होरमुज जलडमरूमध्य में भू-राजनीतिक तनाव के कारण शिपिंग यातायात में भारी कमी आई है, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति पर असर पड़ने की आशंका है।

रॉयटर्स के अनुसार, शिपिंग डेटा प्रदाता केपलर (Kpler) ने बताया कि पिछले सप्ताहांत इस महत्वपूर्ण जलमार्ग से गुजरने वाले जहाजों की संख्या में भारी गिरावट आई। यदि तेल की कीमतें बढ़ती हैं, तो यह मुद्रास्फीति को बढ़ा सकता है, जिससे फेडरल रिजर्व के लिए अपनी मौद्रिक नीति को आसान बनाना मुश्किल हो जाएगा। टीडी कोवेन (TD Cowen) के विश्लेषकों ने एक नोट में चेतावनी दी है कि तेल की कीमतों में निरंतर वृद्धि कीमती धातुओं में हालिया बढ़त को सीमित कर सकती है।

Back to latest news

LATEST