Story
सोने की कीमतों में मामूली गिरावट, लेकिन तेल और यील्ड घटने से 3 महीने के उच्चतम स्तर के पास बरकरार

Summary
बुधवार को सोने की कीमतों में थोड़ी नरमी आई, लेकिन तेल की कीमतों और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट के कारण यह अपने तीन महीने के उच्चतम स्तर के करीब बना रहा, जिससे मुद्रास्फीति की चिंताएं कम हुईं।
चार दिनों की लगातार तेजी के बाद बुधवार को सोने की कीमतों में मामूली गिरावट दर्ज की गई, लेकिन यह अपने तीन महीने के उच्चतम स्तर के करीब बनी हुई है। तेल की कीमतों में नरमी और अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट से कीमती धातु को समर्थन मिल रहा है, क्योंकि इससे मुद्रास्फीति का दबाव कम होता है।
कीमतों का हाल
Investing.com के आंकड़ों के अनुसार, भारतीय समयानुसार सुबह के कारोबार में हाजिर सोना (XAU/USD) 0.5% गिरकर $4,637.24 प्रति औंस पर आ गया। वहीं, सोना वायदा (Gold Futures) $4,694.04 पर लगभग स्थिर रहा। इस मामूली गिरावट के बावजूद, पिछले एक हफ्ते में सोने में 7% से अधिक की बढ़त देखी गई है, जिससे यह पिछले सत्र में पहुंचे अपने तीन महीने के शिखर के पास कारोबार कर रहा है।
सोने की तेजी के पीछे के कारण
सोने की हालिया मजबूती के पीछे मुख्य रूप से दो प्रमुख कारक हैं: अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में गिरावट और तेल की कीमतों में नरमी। मंगलवार को अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में 5 से 7 आधार अंकों की गिरावट आई। इसके अलावा, ईरान और ओमान के बीच होर्मुज जलडमरूमध्य को अस्थायी रूप से फिर से खोलने पर बातचीत की खबरों से तेल की कीमतें भी नरम हुईं।
निवेशकों के लिए इसका मतलब यह है कि ऊर्जा लागत कम होने से मुद्रास्फीति बढ़ने का खतरा कम हो जाता है। जब मुद्रास्फीति का दबाव कम होता है, तो अमेरिकी फेडरल रिजर्व पर ब्याज दरें ऊंची रखने का दबाव भी घट जाता है। ऊंची ब्याज दरें सोने के लिए नकारात्मक होती हैं क्योंकि सोने पर कोई ब्याज नहीं मिलता, जिससे यह यील्ड देने वाली संपत्तियों की तुलना में कम आकर्षक हो जाता है। बोस्टन फेड की अध्यक्ष सुसान कोलिन्स ने भी कहा कि अगर मुद्रास्फीति केंद्रीय बैंक के 2% लक्ष्य की ओर बढ़ती रहती है तो वह फिलहाल दरों को अपरिवर्तित रखने का समर्थन करती हैं।
Adआगे क्या उम्मीद करें?
बाजार की नजर अब दो प्रमुख घटनाओं पर टिकी है जो सोने की दिशा तय कर सकती हैं।
- अमेरिकी व्यक्तिगत उपभोग व्यय (PCE) डेटा: बुधवार को जारी होने वाले ये आंकड़े अमेरिकी अर्थव्यवस्था के स्वास्थ्य और मुद्रास्फीति के दबाव पर एक और महत्वपूर्ण संकेत देंगे।
- फेड अध्यक्ष वार्श का भाषण: शुक्रवार को जैक्सन होल संगोष्ठी में फेडरल रिजर्व के अध्यक्ष केविन वार्श का भाषण बाजार के लिए महत्वपूर्ण होगा। निवेशक यह समझने की कोशिश करेंगे कि फेडरल रिजर्व लगातार बनी हुई मुद्रास्फीति और व्यापक आर्थिक दृष्टिकोण के बीच कैसे संतुलन बना रहा है।
इन तात्कालिक कारकों के अलावा, तथाकथित "डीबेसमेंट ट्रेड" भी फिर से चर्चा में है, जहाँ निवेशक सरकारी घाटे और मुद्रा की क्रय शक्ति में कमी की चिंताओं के बीच सोने को एक सुरक्षित विकल्प के रूप में देखते हैं।