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ईरान युद्ध से ग्लेनकोर के ऊर्जा व्यापार मुनाफे में भारी उछाल, पहली छमाही में कमाए $2.66 अरब

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Aug 5, 20262 min read
ईरान युद्ध से ग्लेनकोर के ऊर्जा व्यापार मुनाफे में भारी उछाल, पहली छमाही में कमाए $2.66 अरब

Summary

कमोडिटी दिग्गज ग्लेनकोर ने 2026 की पहली छमाही में ऊर्जा व्यापार से $2.66 बिलियन का रिकॉर्ड मुनाफा दर्ज किया है, जो पिछले साल की समान अवधि के मुकाबले 66 गुना अधिक है। यह वृद्धि ईरान युद्ध के कारण बाजार में आई भारी उथल-पुथल का परिणाम है।

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Background

कमोडिटी ट्रेडिंग दिग्गज ग्लेनकोर (Glencore) ने 2026 की पहली छमाही में अपने ऊर्जा व्यापार से मुनाफे में असाधारण वृद्धि दर्ज की है। कंपनी ने बुधवार को जारी अपने नतीजों में बताया कि इस अवधि में ट्रेडिंग से समायोजित ब्याज और कर पूर्व आय (EBIT) $2.66 बिलियन रही, जबकि एक साल पहले इसी अवधि में यह मात्र $40 मिलियन थी।

अभूतपूर्व वृद्धि के कारण

ग्लेनकोर के सीईओ गैरी नागल के अनुसार, मुनाफे में इस भारी उछाल का मुख्य कारण ईरान युद्ध के चलते वैश्विक ऊर्जा बाजारों में पैदा हुई उथल-पुथल है। उन्होंने कहा, "तेल और गैस विभाग इसका प्राथमिक योगदानकर्ता था, जिसे एलएनजी, तेल और शिपिंग बाजारों में महत्वपूर्ण अव्यवस्थाओं से लाभ हुआ।"

युद्ध के कारण खाड़ी से टैंकरों की आवाजाही लगभग रुक गई, जिससे कच्चे तेल, ईंधन और एलएनजी की कीमतें इस साल की शुरुआत में रिकॉर्ड या कई वर्षों के उच्च स्तर पर पहुंच गईं। इस अस्थिरता ने ग्लेनकोर जैसी ट्रेडिंग फर्मों के लिए बड़े अवसर पैदा किए।

  • समायोजित EBIT (H1 2026): $2.66 बिलियन
  • समायोजित EBIT (H1 2025): $40 मिलियन
  • ट्रेडिंग वॉल्यूम: लगभग 5.2 मिलियन बैरल प्रति दिन (कच्चा तेल और ईंधन), जो 2025 के औसत से 24% अधिक है।
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बाजार का संदर्भ और प्रतिक्रिया

ग्लेनकोर इस प्रवृत्ति में अकेली नहीं है। यूरोपीय तेल कंपनियों बीपी (BP), शेल (Shell), टोटल एनर्जीज (TotalEnergies) और प्रतिद्वंद्वी ट्रेडिंग हाउस ट्रैफिगुरा (Trafigura) ने भी इस साल बाजार की अस्थिरता से अरबों का मुनाफा कमाया है। ट्रैफिगुरा ने मार्च तक के छह महीनों में $4.1 बिलियन का शुद्ध लाभ दर्ज किया था।

इन नतीजों के बाद निवेशकों ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। बुधवार को 11:30 GMT पर ग्लेनकोर के शेयरों में 3.4% की तेजी देखी गई। कंपनी ने आगे कहा कि तेल भंडारों में आई महत्वपूर्ण कमी के कारण बाजार भविष्य में किसी भी व्यवधान के प्रति और अधिक संवेदनशील हो गए हैं, जो आगे भी अस्थिरता की संभावना का संकेत देता है।

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