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तेल की कीमतों में नरमी से जर्मन बॉन्ड यील्ड 3-सप्ताह के निचले स्तर पर

जर्मन सरकारी बॉन्ड में बुधवार को तेजी देखी गई, जिससे बॉन्ड यील्ड तीन सप्ताह के निचले स्तर पर आ गई। ऊर्जा की कीमतों में गिरावट और भू-राजनीतिक तनाव में कमी ने निवेशकों को राहत दी है, जिससे मुद्रास्फीति की उम्मीदें कम हो गई हैं।
यील्ड में गिरावट के प्रमुख कारण
इस रैली का मुख्य कारण वैश्विक कच्चे तेल की कीमतों में हालिया नरमी है। मध्य पूर्व में संभावित राजनयिक वार्ता की खबरों ने ऊर्जा मुद्रास्फीति की तात्कालिक आशंकाओं को कम कर दिया है, जिससे बॉन्ड खरीदारों को बाजार में फिर से प्रवेश करने का मौका मिला है।
इस बदलाव के प्रमुख आंकड़े इस प्रकार हैं:
- बेंचमार्क 10-वर्षीय जर्मन बंड यील्ड गिरकर 3.09% पर आ गया, जो 15 जुलाई के बाद का सबसे निचला स्तर है।
- ब्याज दरों के प्रति संवेदनशील दो-वर्षीय जर्मन यील्ड फिसलकर 2.71% पर आ गया, जो 13 जुलाई के बाद का सबसे निचला स्तर है।
जुलाई की बिकवाली और आर्थिक संकेतक
Adयह तेजी जुलाई में हुई भारी बिकवाली के बाद आई है, जब यूरोपीय सॉवरेन ऋण में मार्च के बाद की सबसे बड़ी मासिक गिरावट देखी गई थी। जुलाई के दौरान, 10-वर्षीय जर्मन यील्ड में लगभग 30 बेसिस पॉइंट्स की वृद्धि हुई थी, जो 15-साल के उच्च स्तर के करीब पहुंच गया था।
बाजार ने हाल के आर्थिक आंकड़ों पर भी ध्यान दिया है। यूरोजोन के लिए जुलाई के अंतिम परचेजिंग मैनेजर्स इंडेक्स (PMI) के आंकड़ों ने सेवा क्षेत्र में स्थिरता के संकेत दिए। वहीं, जून के प्रोड्यूसर प्राइस इंडेक्स (PPI) के आंकड़ों ने थोक मुद्रास्फीति में निरंतर मंदी की पुष्टि की, जिससे घटती मुद्रास्फीति की धारणा को बल मिला।
आगे का नजरिया
फिक्स्ड-इनकम ट्रेडर्स अब उपभोक्ता मांग के बारे में और सुराग के लिए गुरुवार को आने वाले यूरोजोन के खुदरा बिक्री के आंकड़ों पर नजर गड़ाए हुए हैं। इन आंकड़ों से यह आकलन करने में मदद मिलेगी कि क्या यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) को 10 सितंबर को अपनी आगामी नीतिगत बैठक में मौद्रिक नीति को और सख्त करने की आवश्यकता होगी।