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होरमुज़ में नए हमलों से FTSE 100 में गिरावट, ईरान संघर्ष विराम की उम्मीदें धूमिल

ब्रिटेन के शेयर बाजारों में मंगलवार को गिरावट देखी गई क्योंकि निवेशकों ने अमेरिका-ईरान के बीच प्रस्तावित 10-दिवसीय संघर्ष विराम की खबरों और होरमुज़ जलडमरूमध्य में शिपिंग पर हुए नए हमलों के बीच स्थिति का आकलन किया। घरेलू मोर्चे पर, उम्मीद से बेहतर नौकरियों के आंकड़ों और जून में कम सार्वजनिक उधारी ने अर्थव्यवस्था की एक मिश्रित तस्वीर पेश की।
07:46 GMT तक, लंदन का FTSE 100 सूचकांक 0.18% नीचे था। इस बीच, स्टर्लिंग डॉलर के मुकाबले 0.07% मजबूत होकर $1.3444 पर पहुंच गया।
भू-राजनीतिक तनाव बढ़ा
बाजार की धारणा पर मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव का असर पड़ा। Axios की रिपोर्ट के अनुसार, कतर, मिस्र और पाकिस्तान ने वाशिंगटन और तेहरान के बीच 10-दिवसीय संघर्ष विराम का प्रस्ताव रखा है ताकि होरमुज़ जलडमरूमध्य को फिर से खोला जा सके।
हालांकि, इन कूटनीतिक प्रयासों के बीच, ईरान द्वारा मंगलवार तड़के होरमुज़ जलडमरूमध्य में एक टैंकर पर हमला करने की खबरें आईं। इस घटनाक्रम ने निवेशकों की चिंताओं को बढ़ा दिया, जिससे सुरक्षित-संपत्ति सोने की मांग बढ़ी और सोने की कीमतों में 1.6% से अधिक की तेजी आई। वहीं, ब्रेंट क्रूड वायदा लगभग 0.4% गिरकर $88.87 प्रति बैरल पर आ गया।
ब्रिटेन के आर्थिक आंकड़े
Adघरेलू स्तर पर जारी हुए आर्थिक आंकड़ों ने बाजार को कुछ सहारा देने की कोशिश की, लेकिन यह भू-राजनीतिक चिंताओं को दूर करने के लिए पर्याप्त नहीं था।
- रोजगार: राष्ट्रीय सांख्यिकी कार्यालय (ONS) के अनुसार, मई तक के तीन महीनों में बेरोजगारी दर 0.1 प्रतिशत अंक घटकर 4.9% रह गई, जो 5% के पूर्वानुमान से बेहतर है।
- सार्वजनिक वित्त: जून में सार्वजनिक क्षेत्र की उधारी एक साल पहले की तुलना में £7.9 बिलियन घटकर £16.0 बिलियन रह गई। यह आंकड़ा ऑफिस फॉर बजट रिस्पॉन्सिबिलिटी (OBR) के पूर्वानुमान से भी कम था।
सरकारी नीति और बाजार का नजरिया
नई सरकार की घोषणाओं का भी बाजार पर असर दिखा। प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम ने 1 अक्टूबर से घरेलू बिजली बिलों पर वैट खत्म करने की घोषणा की। इस खबर के बाद सरकारी बॉन्ड (गिल्ट) यील्ड में बढ़ोतरी देखी गई।
कुल मिलाकर, निवेशक मध्य पूर्व की स्थिति पर करीब से नजर रख रहे हैं। संघर्ष विराम की कोई भी ठोस प्रगति बाजार की धारणा को बढ़ावा दे सकती है, जबकि तनाव में और वृद्धि इक्विटी बाजारों पर दबाव बनाए रख सकती है।