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भू-राजनीतिक झटके के बाद STOXX 600 में स्थिरता की कोशिश, महंगाई की चिंता बढ़ी

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Jul 9, 20262 min read
भू-राजनीतिक झटके के बाद STOXX 600 में स्थिरता की कोशिश, महंगाई की चिंता बढ़ी

Summary

मध्य पूर्व में बढ़े तनाव के कारण पिछले चार महीनों की सबसे बड़ी गिरावट के बाद यूरोपीय शेयर बाजारों में सुधार के संकेत दिखे। कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों ने निवेशकों के बीच महंगाई और ब्याज दरों को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं।

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Background

मध्य पूर्व में भू-राजनीतिक तनाव फिर से बढ़ने के कारण लगभग चार महीनों में अपनी सबसे बड़ी एक दिवसीय बिकवाली झेलने के बाद, यूरोपीय शेयर बाजारों ने गुरुवार को शुरुआती कारोबार में वापसी करने की कोशिश की। हालांकि, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल से वैश्विक मुद्रास्फीति की चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं, जिससे निवेशकों में अनिश्चितता बनी हुई है।

बाजार में भारी गिरावट का कारण

बुधवार को पैन-यूरोपीय STOXX 600 सूचकांक में 1.6% की भारी गिरावट दर्ज की गई, जो मध्य मार्च के बाद से इसकी सबसे बड़ी दैनिक प्रतिशत गिरावट थी। इन्वेस्टिंग डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार, यह बिकवाली अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के उस बयान के बाद शुरू हुई जिसमें उन्होंने तेहरान के साथ एक अंतरिम समझौते को "खत्म" घोषित कर दिया। इसके तुरंत बाद, अमेरिकी सेंट्रल कमांड ने ईरान में सैन्य बुनियादी ढांचे को निशाना बनाते हुए लगातार दूसरे दिन हवाई हमले किए।

यह सैन्य कार्रवाई होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) में कथित तौर पर ईरानी सेना द्वारा वाणिज्यिक जहाजों को निशाना बनाए जाने के बाद हुई। इस घटनाक्रम ने बाजार में शांति को भंग कर दिया और निवेशकों को ऊर्जा-जनित मुद्रास्फीति के एक नए दौर का डर सताने लगा है।

महंगाई और केंद्रीय बैंकों पर असर

इस भू-राजनीतिक संकट का सीधा असर कच्चे तेल की कीमतों पर पड़ा है, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य से दुनिया की लगभग पांचवीं तेल खपत का परिवहन होता है। आपूर्ति में बाधा की आशंका से तेल की कीमतें बढ़ गई हैं, जिससे इक्विटी निवेशकों के बीच यह चिंता बढ़ गई है कि प्रमुख केंद्रीय बैंक अपनी मौद्रिक नीति को सख्त कर सकते हैं।

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ऊर्जा की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का खतरा यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ECB) और बैंक ऑफ इंग्लैंड के हालिया नरम रुख को पटरी से उतार सकता है। इसने बाजार में "लंबे समय तक ऊंची ब्याज दरों" (higher-for-longer) की आशंका को फिर से जीवित कर दिया है, जिसके चलते सरकारी बॉन्ड यील्ड गुरुवार को भी ऊंचे स्तर पर बने रहे।

प्रमुख सूचकांक और शेयरों का प्रदर्शन

गुरुवार को शुरुआती कारोबार में, STOXX 600 सूचकांक 0.5% की बढ़त के साथ एक कमजोर रिकवरी का प्रयास कर रहा था।

  • जर्मनी का DAX 0.7% और फ्रांस का CAC 40 0.6% चढ़ा।
  • इटली का FTSE MIB 0.8% की बढ़त में था।
  • हालांकि, लंदन का FTSE 100 0.2% नीचे था।

व्यक्तिगत शेयरों में, बेहतर नतीजों के बाद शॉट फार्मा (Schott Pharma) के शेयरों में 20% का उछाल आया। वहीं, एस्ट्राजेनेका (Astrazeneca) के शेयर एक नर्व डिजीज दवा के लेट-स्टेज ट्रायल में विफलता के बाद 9% गिर गए।

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