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यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी ने आयरन इंजेक्शन की सुरक्षा समीक्षा शुरू की

यूरोपीय मेडिसिन एजेंसी (EMA) की सुरक्षा समिति ने इंजेक्शन से दी जाने वाली आयरन दवाओं की समीक्षा शुरू कर दी है। यह कार्रवाई रक्त में फॉस्फेट के खतरनाक रूप से निम्न स्तर (हाइपोफॉस्फेटेमिया) और हड्डियों के नरम होने सहित हड्डियों से जुड़ी समस्याओं की चिंताओं के बीच हुई है।
ये दवाएं आमतौर पर आयरन की कमी और आयरन की कमी से होने वाले एनीमिया के इलाज के लिए उपयोग की जाती हैं, खासकर जब मुंह से ली जाने वाली आयरन की दवाएं प्रभावी नहीं होती हैं या उनका उपयोग नहीं किया जा सकता है।
समीक्षा का कारण और दायरा
EMA के अनुसार, यह समीक्षा उन रिपोर्टों के बाद शुरू की गई है जिनमें फेरिक कार्बोक्सिमाल्टोज (ferric carboxymaltose) नामक सक्रिय पदार्थ वाली दवाओं के लिए मौजूदा जोखिम कम करने के उपायों की प्रभावशीलता पर सवाल उठाए गए थे। नियामक ने कहा कि इन रिपोर्टों में ऐसे गंभीर मामले शामिल थे जहां मरीजों को दवा की केवल एक या दो खुराक मिलने के बाद ही रक्त में फॉस्फेट का स्तर बहुत कम हो गया और हड्डियां नरम हो गईं।
शुरुआती चिंताएं फेरिक कार्बोक्सिमाल्टोज पर केंद्रित थीं, लेकिन समिति ने अपनी समीक्षा का दायरा बढ़ा दिया है। अब इसमें इंजेक्शन से दी जाने वाली सभी आयरन युक्त दवाएं शामिल हैं, क्योंकि फेरिक कार्बोक्सिमाल्टोज के अलावा अन्य उत्पादों के साथ भी इसी तरह के मामले सामने आए हैं।
Adसंभावित प्रभाव और अगली प्रक्रिया
EMA की सुरक्षा समिति अब इस बात का मूल्यांकन करेगी कि क्या ये जोखिम इन इंजेक्शनों के समग्र जोखिम-लाभ संतुलन को प्रभावित करते हैं। समिति यह भी विचार करेगी कि क्या इन दवाओं के विपणन प्राधिकरण (marketing authorizations) में किसी बदलाव की आवश्यकता है।
यह कदम अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA) द्वारा हाल ही में की गई कार्रवाई के बाद आया है। FDA ने इसी महीने फॉस्फेट के निम्न स्तर के जोखिम के बारे में फेरिक कार्बोक्सिमाल्टोज इंजेक्शन के लेबल पर एक बॉक्स्ड वार्निंग (boxed warning) जोड़ी थी, जो अमेरिका में सबसे सख्त सुरक्षा चेतावनी है।