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अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से यूरोपीय तेल शेयरों में उछाल

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Jul 13, 20262 min read
अमेरिका-ईरान तनाव बढ़ने से यूरोपीय तेल शेयरों में उछाल
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सप्ताहांत में अमेरिका और ईरान के बीच नए सिरे से सैन्य हमलों के बाद कच्चे तेल की कीमतों में आई तेजी के कारण सोमवार को यूरोपीय तेल उत्पादकों के शेयरों में जोरदार उछाल देखा गया। ईरान द्वारा होर्मुज जलडमरूमध्य को एक बार फिर बंद करने की घोषणा से वैश्विक आपूर्ति को लेकर चिंताएं बढ़ गई हैं।

भू-राजनीतिक तनाव से कच्चे तेल में उछाल

Investing.com के आंकड़ों के अनुसार, मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव की खबरों से कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि हुई। ब्रेंट क्रूड वायदा 2.9% बढ़कर $78.24 प्रति बैरल पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) 2.7% चढ़कर $73.34 प्रति बैरल हो गया।

यह वृद्धि ईरान द्वारा खाड़ी में अमेरिकी ठिकानों पर हमले और उसके बाद होर्मुज जलडमरूमध्य को बंद करने की घोषणा के बाद हुई है। यह जलमार्ग वैश्विक तेल और तरलीकृत प्राकृतिक गैस (LNG) आपूर्ति का लगभग पांचवां हिस्सा संभालता है। शिप-ट्रैकिंग फर्म Kpler के अनुसार, रविवार को जलडमरूमध्य से गुजरने वाले जहाजों की संख्या पांच सप्ताह के निचले स्तर पर आ गई, केवल छह जहाजों ने पारगमन किया।

ऊर्जा शेयरों में दिखी तेजी

कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी का सीधा असर ऊर्जा क्षेत्र के शेयरों पर पड़ा। यूरोपीय ऊर्जा शेयरों का मापक, STOXX Europe 600 Oil & Gas सूचकांक, 1.2% चढ़ गया, जो व्यापक STOXX 600 सूचकांक पर सबसे अच्छा प्रदर्शन करने वालों में से एक था।

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प्रमुख कंपनियों के प्रदर्शन में शामिल हैं:

  • BP के शेयरों में 2.3% की वृद्धि हुई।
  • Shell के शेयर 1.1% चढ़े।
  • TotalEnergies, Eni, और Equinor के शेयरों में 1% से 2.1% के बीच बढ़त दर्ज की गई।
  • Repsol और OMV के शेयरों में क्रमशः लगभग 2% और 1% की तेजी आई।

बाजार पर प्रभाव और दृष्टिकोण

यह हालिया टकराव पिछले महीने हुए एक अंतरिम अमेरिका-ईरान समझौते पर संदेह पैदा करता है, जिसका उद्देश्य इस महत्वपूर्ण जलमार्ग को फिर से खोलना था। निवेशकों के लिए, यह घटनाक्रम तेल बाजार में बढ़ी हुई अस्थिरता और आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान के जोखिम को रेखांकित करता है। जब तक भू-राजनीतिक तनाव कम नहीं होता, ऊर्जा की कीमतों और संबंधित इक्विटी में उतार-चढ़ाव जारी रहने की उम्मीद है।

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