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मध्य पूर्व में तनाव से तेल की कीमतों में उछाल, ऊर्जा शेयरों में प्री-मार्केट तेजी

ईरान द्वारा अपनी संपत्तियों पर हमलों के जवाब में खाड़ी क्षेत्र में तेल और गैस के बुनियादी ढांचे को निशाना बनाने की चेतावनी के बाद कच्चे तेल की कीमतों में आए उछाल के साथ, प्रमुख अमेरिकी ऊर्जा कंपनियों के शेयरों में मंगलवार को प्री-मार्केट कारोबार में बढ़त दर्ज की गई।
तेल की कीमतों में उछाल
Investing.com के आंकड़ों के अनुसार, नवंबर डिलीवरी के लिए ब्रेंट क्रूड वायदा 2.3% बढ़कर $99.19 प्रति बैरल पर पहुंच गया। वहीं, अमेरिकी वेस्ट टेक्सास इंटरमीडिएट (WTI) क्रूड 3.3% चढ़कर $94.49 प्रति बैरल पर कारोबार कर रहा था। यह वृद्धि ईरान और अमेरिका के बीच सप्ताहांत में हुए हमलों और जवाबी हमलों के बाद हुई है, जिससे क्षेत्र में आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ गई है।
ईरान ने चेतावनी दी है कि वह अमेरिकी "आर्थिक युद्ध" का जवाब फारस की खाड़ी में एक समुद्री अपवर्जन क्षेत्र (maritime exclusion zone) बनाकर दे सकता है। बाजार की नजर विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य पर है, जो वैश्विक तेल शिपिंग के लिए एक महत्वपूर्ण जलमार्ग है।
ऊर्जा शेयरों पर असर
तेल की कीमतों में इस तेजी का सीधा असर ऊर्जा कंपनियों के शेयरों पर दिखा। प्री-मार्केट ट्रेडिंग में, प्रमुख कंपनियों के शेयरों में निम्नलिखित बढ़त देखी गई:
Ad- एक्सॉन मोबिल (Exxon Mobil): 1.8% की बढ़त
- शेवरॉन (Chevron): 1.5% की बढ़त
- कोनोकोफिलिप्स (ConocoPhillips): 1.6% की बढ़त
- वैलेरो एनर्जी (Valero Energy): 1.9% की बढ़त
- डायमंडबैक एनर्जी (Diamondback Energy) और मैराथन पेट्रोलियम (Marathon Petroleum): प्रत्येक में 1.1% की बढ़त
यह प्रदर्शन दर्शाता है कि निवेशक उच्च तेल की कीमतों से इन कंपनियों के राजस्व और मुनाफे में वृद्धि की उम्मीद कर रहे हैं।
भू-राजनीतिक जोखिम और बाजार का नजरिया
बाजार विश्लेषक ईरान की धमकियों को गंभीरता से ले रहे हैं, क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले टैंकर यातायात में किसी भी तरह की रुकावट वैश्विक तेल आपूर्ति श्रृंखला को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है। ईरान ने एक प्रतिबंधित क्षेत्र और एक वैकल्पिक शिपिंग कॉरिडोर शुरू करने की योजना का उल्लेख किया है, जिससे चिंताएं और बढ़ गई हैं।
हालांकि, इसी बीच ईरान ने यह भी कहा है कि जलडमरूमध्य की व्यवस्था को लेकर ओमान के साथ एक समझौता करीब है। यदि यह समझौता हो जाता है तो इससे शिपिंग व्यवधानों को कम करने में मदद मिल सकती है, लेकिन जब तक स्थिति स्पष्ट नहीं हो जाती, तब तक तेल बाजार में अनिश्चितता और अस्थिरता बने रहने की संभावना है।