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इजीजेट अधिग्रहण की दौड़: अपोलो ने £5.7 अरब की बोली के साथ कैसललेक को पछाड़ा

ब्रिटिश बजट एयरलाइन इजीजेट (EasyJet) के अधिग्रहण की दौड़ में एक नया मोड़ आ गया है, क्योंकि कंपनी के बोर्ड ने अमेरिकी निवेश फर्म अपोलो ग्लोबल मैनेजमेंट (Apollo Global Management) के £5.7 अरब ($7.65 अरब) के प्रस्ताव का समर्थन करने का फैसला किया है। इस कदम के साथ, इजीजेट ने प्रतिद्वंद्वी बोलीदाता कैसललेक (Castlelake) के साथ हुए पिछले समझौते से अपना समर्थन वापस ले लिया है, जिससे एयरलाइन के नियंत्रण के लिए एक संभावित बोली युद्ध की शुरुआत हो गई है।
नई बोली और बाजार की प्रतिक्रिया
अपोलो का प्रस्ताव कैसललेक द्वारा प्रस्तावित £5.5 अरब के मूल्यांकन से अधिक है, जिस पर 5 जुलाई को सैद्धांतिक रूप से सहमति बनी थी। रॉयटर्स के अनुसार, इस खबर के बाद इजीजेट के शेयरों में 15% तक की भारी उछाल देखी गई, जो निवेशकों के बीच इस प्रतिस्पर्धात्मक तनाव के प्रति सकारात्मक प्रतिक्रिया को दर्शाता है।
इजीजेट के बोर्ड ने अब अपोलो के प्रस्ताव को शेयरधारकों के लिए बेहतर मानते हुए उसका समर्थन किया है। यह घटनाक्रम केवल कुछ ही दिनों बाद हुआ जब इजीजेट और कैसललेक ने £6.90 प्रति शेयर के सौदे पर सहमति जताई थी।
अधिग्रहण की पृष्ठभूमि
यह अधिग्रहण गाथा मई में शुरू हुई जब मिनियापोलिस स्थित विमानन निवेशक कैसललेक ने इजीजेट के लिए एक प्रस्ताव पर विचार करने की बात सार्वजनिक की। इजीजेट ने शुरू में इस कदम को "अत्यधिक अवसरवादी" बताया था, क्योंकि भू-राजनीतिक तनावों के कारण उसके शेयर की कीमत अस्थायी रूप से दबी हुई थी।
Adइसके बाद कैसललेक ने कई प्रस्ताव पेश किए, जिन्हें इजीजेट के बोर्ड ने अपर्याप्त बताते हुए खारिज कर दिया। कई हफ्तों की बातचीत के बाद, दोनों पक्ष अंततः £5.5 अरब के सौदे पर सहमत हुए, जिसे अब अपोलो की उच्च बोली ने पीछे छोड़ दिया है। घटनाक्रमों का संक्षिप्त विवरण इस प्रकार है:
- 29 मई: कैसललेक ने इजीजेट के लिए प्रस्ताव पर विचार करने का खुलासा किया।
- जून: कैसललेक ने £5.60 से लेकर £6.50 प्रति शेयर तक कई निजी बोलियाँ प्रस्तुत कीं, जिन्हें खारिज कर दिया गया।
- 5 जुलाई: इजीजेट और कैसललेक £6.90 प्रति शेयर (£5.5 अरब) के सौदे पर सैद्धांतिक रूप से सहमत हुए।
- 10 जुलाई: इजीजेट ने अपोलो की £5.7 अरब की उच्च बोली का समर्थन किया।
निवेशकों के लिए इसका क्या मतलब है
दो बड़ी निवेश फर्मों के बीच एक संभावित बोली युद्ध इजीजेट के शेयरधारकों के लिए फायदेमंद हो सकता है, क्योंकि प्रतिस्पर्धा एयरलाइन के अंतिम अधिग्रहण मूल्य को और बढ़ा सकती है। यह स्थिति दर्शाती है कि महामारी और अन्य चुनौतियों से उबर रहे विमानन क्षेत्र में निवेशक अभी भी दीर्घकालिक मूल्य देख रहे हैं।
एयरलाइन के संस्थापक, स्टेलियोस हाजी-इयोन्नू (Stelios Haji-Ioannou), जिनका बोर्ड के साथ टकराव का इतिहास रहा है, ने अपोलो की बोली पर कोई टिप्पणी नहीं की है। अब बाजार यह देखने के लिए इंतजार करेगा कि क्या कैसललेक एक जवाबी और बेहतर प्रस्ताव के साथ वापस आता है, या कोई अन्य संभावित बोलीदाता इस दौड़ में शामिल होता है।