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संस्थापक की लीक टिप्पणियों के बाद डीपसीक ने $71 बिलियन के मूल्यांकन पर फंडिंग रोकी

Summary
चीनी एआई दिग्गज डीपसीक ने अपने संस्थापक द्वारा अमेरिका पर निर्भरता और एनवीडिया चिप्स की जरूरत को स्वीकार करने वाली टिप्पणियों के लीक होने के बाद अपनी दूसरी बड़ी फंडिंग को अचानक रोक दिया है।
चीनी आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की दिग्गज कंपनी डीपसीक ने अपने संस्थापक की लीक हुई टिप्पणियों के बाद अपने दूसरे बड़े फंडिंग राउंड को अचानक निलंबित कर दिया है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, इस दौर में कंपनी का प्री-मनी मूल्यांकन $71 बिलियन (480 बिलियन युआन) आंका जा रहा था।
लीक हुई टिप्पणियाँ और फंडिंग पर रोक
यह घटनाक्रम संस्थापक और अरबपति लियांग वेनफेंग की निजी निवेशक बैठकों के दौरान की गई कुछ स्पष्ट टिप्पणियों के लीक होने के बाद हुआ। कथित तौर पर, लियांग ने स्वीकार किया कि चीन अभी भी AI तकनीक में अमेरिका से पीछे है और अमेरिकी निर्यात नियंत्रण के बावजूद उनकी कंपनी एनवीडिया (Nvidia) चिप्स पर बहुत अधिक निर्भर है।
ये टिप्पणियाँ चीनी सोशल मीडिया पर वायरल हो गईं, जिसके बाद लियांग ने कथित तौर पर संभावित निवेशकों को सूचित किया कि निवेश समझौतों पर हस्ताक्षर नहीं किए जाएंगे, जिससे फंडिंग प्रक्रिया प्रभावी रूप से रुक गई। यह कदम बीजिंग में एक संवेदनशील विषय को छूता है, क्योंकि यह उस आधिकारिक प्रचार के विपरीत है जिसमें चीन के AI क्षेत्र को सिलिकॉन वैली के बराबर बताया जाता है।
फंडिंग का विवरण और पिछला निवेश
रोकी गई यह फंडिंग कंपनी के लिए दूसरी बड़ी पूंजी जुटाने की कवायद थी। इसका समय विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि डीपसीक ने हाल ही में जून में अपना पहला बड़ा फंडिंग राउंड पूरा किया था, जिसमें $7 बिलियन जुटाए गए थे।
Adउस शुरुआती दौर में टेनसेंट (Tencent) और CATL जैसे प्रमुख निवेशकों का समर्थन प्राप्त था। नए दौर का लक्ष्य $71 बिलियन के आश्चर्यजनक मूल्यांकन पर था, जो निवेशकों के बीच कंपनी के लिए उच्च उम्मीदों को दर्शाता है।
बाजार का संदर्भ और भविष्य का दृष्टिकोण
यह निलंबन निवेशकों के लिए एक अनिश्चितता की स्थिति पैदा करता है, लेकिन यह स्थायी नहीं हो सकता है। ब्लूमबर्ग ने उल्लेख किया है कि स्थिति अभी भी गतिशील है और यह केवल एक अस्थायी रोक हो सकती है। एक बार जब इस मुद्दे पर उठा विवाद शांत हो जाता है तो डीपसीक इस सौदे को फिर से शुरू कर सकता है।
यह घटना अमेरिकी चिप्स पर चीनी तकनीकी कंपनियों की निरंतर निर्भरता और अमेरिकी निर्यात प्रतिबंधों से उत्पन्न चुनौतियों को उजागर करती है। निवेशकों के लिए, यह चीन के AI क्षेत्र में निवेश से जुड़े भू-राजनीतिक और परिचालन संबंधी जोखिमों की याद दिलाता है।