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अमेरिकी टैरिफ की अनिश्चितता से तांबे की कीमतें $15,000 के रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंचीं

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Sep 8, 20262 min read
अमेरिकी टैरिफ की अनिश्चितता से तांबे की कीमतें $15,000 के रिकॉर्ड स्तर के करीब पहुंचीं

Summary

लंदन मेटल एक्सचेंज पर तांबे की कीमतें अब तक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गई हैं, जिसका मुख्य कारण अमेरिका द्वारा प्रस्तावित आयात शुल्क को लेकर चल रही अनिश्चितता है। इस वजह से अमेरिकी गोदामों में तांबे का भंडार रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है।

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Background

अमेरिका की आयात टैरिफ नीतियों को लेकर अनिश्चितता के बीच तांबे की कीमतें पहली बार $15,000 प्रति मीट्रिक टन के मनोवैज्ञानिक स्तर के करीब पहुंच गई हैं। लंदन मेटल एक्सचेंज (LME) पर बेंचमार्क तांबे की कीमत लगातार चौथे सत्र में बढ़त दर्ज करते हुए $14,779 प्रति मीट्रिक टन के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंच गई।

टैरिफ की अनिश्चितता बनी मुख्य वजह

विश्लेषकों के अनुसार, इस रैली का मुख्य कारण राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प के प्रशासन द्वारा प्रस्तावित तांबे पर आयात शुल्क है। अमेरिका ने 2027 से परिष्कृत तांबे के आयात पर 15% और 2028 में इसे बढ़ाकर 30% करने का प्रस्ताव दिया है, हालांकि इस शुल्क की न तो पुष्टि की गई है और न ही इसे खारिज किया गया है।

पैनम्योर लिबरम (Panmure Liberum) के विश्लेषक टॉम प्राइस ने कहा, "क्या यह ट्रम्प की टैरिफ उलझन पर इस सप्ताह $15,000 तक पहुंच जाएगा? निश्चित रूप से, यह संभव है।" उन्होंने कहा कि जब किसी ट्रेडिंग आइडिया के पीछे इतनी अधिक सट्टा पूंजी हो तो कोई भी बड़ा आंकड़ा चुना जा सकता है।

वैश्विक इन्वेंट्री में बड़ा बदलाव

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टैरिफ की आशंका ने वैश्विक तांबे के भंडार के प्रवाह को महत्वपूर्ण रूप से बदल दिया है। बड़ी मात्रा में तांबा अमेरिका में COMEX-अनुमोदित गोदामों में भेजा जा रहा है, जिससे LME और दुनिया के सबसे बड़े धातु उपभोक्ता चीन में इन्वेंट्री कम हो गई है।

  • COMEX (अमेरिका) का भंडार: रिकॉर्ड 695,624 टन के उच्च स्तर पर पहुंच गया है।
  • LME और शंघाई फ्यूचर्स एक्सचेंज (SHFE) का संयुक्त भंडार: 300,000 टन से कुछ अधिक है, जो COMEX के स्टॉक के आधे से भी कम है।

बाजार के जानकारों का मानना है कि एक खुली आर्बिट्रेज विंडो (arbitrage window) ने अमेरिका में मजबूत आयात का समर्थन किया है, क्योंकि व्यापारी संभावित रूप से उच्च कीमतों से पहले स्टॉक जमा कर रहे हैं। यह स्थिति बाजार में अस्थिरता बढ़ा रही है, क्योंकि निवेशक अमेरिकी नीति पर किसी भी स्पष्टता का इंतजार कर रहे हैं।

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