Story

चिली में मापुचे संघर्ष का बदला स्वरूप, सरकारी सख्ती से नई रणनीति अपना रहे समूह

ENTHMSVIIDZHZH-TWJAKOHI
Jul 24, 20262 min read
चिली में मापुचे संघर्ष का बदला स्वरूप, सरकारी सख्ती से नई रणनीति अपना रहे समूह

Summary

चिली सरकार की कड़ी कार्रवाई के बीच, दशकों पुराने मापुचे भूमि संघर्ष में एक महत्वपूर्ण बदलाव आ रहा है। पारंपरिक कब्जे की जगह अब युवा पीढ़ी कानूनी और पर्यावरणीय तरीकों को अपना रही है, जिससे क्षेत्र में सक्रिय कंपनियों के लिए जोखिम का परिदृश्य बदल रहा है।

Text size
Background

चिली में दशकों से चले आ रहे मापुचे भूमि अधिकार संघर्ष में एक महत्वपूर्ण मोड़ आ रहा है, क्योंकि सरकार की बढ़ती सख्ती और लंबी जेल की सजाओं के जवाब में स्वदेशी समूह अपनी रणनीतियों को बदल रहे हैं। पारंपरिक सशस्त्र प्रतिरोध की जगह अब कानूनी लड़ाई और पर्यावरण सक्रियता ले रही है, जिसका दक्षिणी चिली में वानिकी और ऊर्जा जैसी प्रमुख कंपनियों के संचालन पर गहरा असर पड़ सकता है।

सरकारी कार्रवाई और बढ़ता दबाव

राष्ट्रपति जोस एंटोनियो कास्ट की दक्षिणपंथी सरकार ने दक्षिणी क्षेत्र में व्यवस्था बहाल करने का संकल्प लिया है, जिसके बाद मापुचे समूहों पर दबाव बढ़ा है। रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, इस क्षेत्र के बड़े हिस्से 2022 से आपातकाल की स्थिति में हैं, जहाँ गश्त के लिए सैनिकों और बख्तरबंद वाहनों को तैनात किया गया है।

सरकार की इस सख्ती का एक प्रमुख उदाहरण प्रमुख उग्रवादी संगठन कोऑर्डिनेडोरा अराउको-मालेको (CAM) के संस्थापक हेक्टर लैतुल को मिली 23 साल की जेल की सजा है। अधिकारियों का तर्क है कि यह हिंसा कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है, जबकि मापुचे नेता इसे राजनीतिक उत्पीड़न का एक साधन बताते हैं।

संघर्ष के बदलते रास्ते

सरकारी दबाव के बीच, मापुचे आंदोलन दो अलग-अलग रास्तों पर आगे बढ़ता दिख रहा है। एक तरफ, कुछ समुदाय पारंपरिक तरीकों पर कायम हैं, जैसे कि वानिकी कंपनी अराउको की संपत्ति फुंडो पिडेंको पर कब्जा जारी रखना। यहाँ के कार्यकर्ता अपनी पैतृक भूमि पर नियंत्रण बनाए रखने के लिए दृढ़ हैं।

Sample IUX Markets – In-articleAd

वहीं दूसरी ओर, युवा पीढ़ी संघर्ष के लिए नए तरीके अपना रही है।

  • कानूनी लड़ाई: लैतुल के सबसे छोटे बेटे, 20 वर्षीय वेफ्टुई, चिली के एक शीर्ष विश्वविद्यालय में कानून की पढ़ाई कर रहे हैं ताकि वे मापुचे कैदियों और पैतृक भूमि की कानूनी रूप से रक्षा कर सकें।
  • पर्यावरण सक्रियता: अल्टो बायोबियो क्षेत्र में, 20 वर्षीय आध्यात्मिक चिकित्सक (माची) मिलारे सुआरेज़, चीन की थ्री गोरजेस कंपनी द्वारा बनाए जा रहे रुकाल्हुए जलविद्युत बांध का विरोध कर रही हैं। उनका तर्क है कि यह परियोजना उन जंगलों को नष्ट कर देगी जहाँ दुर्लभ औषधीय पौधे उगते हैं।

ऐतिहासिक संदर्भ और व्यावसायिक निहितार्थ

मापुचे चिली का सबसे बड़ा स्वदेशी समूह है, जो देश की आबादी का लगभग 9% है। 1973-90 के ऑगस्टो पिनोशे तानाशाही के दौरान उनकी अधिकांश भूमि वानिकी कंपनियों को हस्तांतरित कर दी गई थी, जो इस संघर्ष की जड़ है। यह संघर्ष दशकों से क्षेत्र में सक्रिय व्यवसायों, विशेषकर वानिकी और कृषि के लिए एक बड़ा परिचालन जोखिम रहा है।

अब, संघर्ष की रणनीति में बदलाव से कंपनियों के लिए जोखिम का स्वरूप भी बदल रहा है। अब उन्हें न केवल भूमि पर कब्जे और तोड़फोड़ का सामना करना पड़ रहा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कानूनी चुनौतियों और पर्यावरण अभियानों का भी सामना करना पड़ सकता है। यह नई लहर पवन, जलविद्युत और हरित हाइड्रोजन परियोजनाओं को लक्षित कर सकती है, जिससे निवेशकों के लिए अनिश्चितता बढ़ सकती है।

Back to latest news

LATEST