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तेल $100 के पार, फिर भी कैनेडियन डॉलर में गिरावट; अमेरिकी महंगाई के आंकड़ों पर नजर

अमेरिकी डॉलर के मुकाबले कैनेडियन डॉलर गुरुवार को थोड़ा कमजोर हुआ। तेल की कीमतों में उछाल के बावजूद, निवेशक अमेरिकी मुद्रास्फीति के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं, जो फेडरल रिजर्व की अगली नीतिगत चाल का संकेत दे सकते हैं।
विनिमय दर में हलचल
अमेरिकी डॉलर C$1.3808 पर कारोबार कर रहा था, जिससे "लूनी" (कैनेडियन डॉलर का उपनाम) लगभग 72.42 अमेरिकी सेंट पर आ गया। यह बुधवार के C$1.3805 के बंद भाव से USD/CAD जोड़ी में लगभग 0.02% की मामूली बढ़त दर्शाता है, जो कैनेडियन मुद्रा के लिए एक हल्की गिरावट का संकेत है।
बुधवार को भी लूनी में लगभग 0.2% की कमजोरी आई थी। यह गिरावट बाजार में जोखिम से बचाव की व्यापक भावना और कनाडा-अमेरिका व्यापार संबंधों पर अनिश्चितता के बीच आई है।
तेल की तेजी बनाम अन्य कारक
एक तरफ, तेल की ऊंची कीमतें कैनेडियन डॉलर को समर्थन दे रही हैं। अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और मध्य पूर्व में ऊर्जा प्रवाह में व्यवधान की चिंताओं के कारण ब्रेंट क्रूड $100 प्रति बैरल से ऊपर बना हुआ है, जो हाल ही में लगभग $102 पर था।
Adचूंकि ऊर्जा निर्यात कनाडा की व्यापार आय का एक महत्वपूर्ण स्रोत है, इसलिए तेल की ऊंची कीमतें आम तौर पर कमोडिटी-लिंक्ड कैनेडियन डॉलर के लिए सकारात्मक होती हैं। हालांकि, इस समर्थन पर अन्य वैश्विक आर्थिक चिंताएं भारी पड़ रही हैं, जिससे मुद्रा पर दबाव बना हुआ है।
बाजार का दृष्टिकोण
निवेशकों का ध्यान अब अमेरिका के उत्पादक-मूल्य आंकड़ों (producer-price data) और अन्य मुद्रास्फीति संकेतकों पर केंद्रित है। ये आंकड़े फेडरल रिजर्व के नीतिगत दृष्टिकोण के बारे में महत्वपूर्ण सुराग दे सकते हैं।
ऊर्जा की कीमतों में हालिया उछाल ने मुद्रास्फीति की तस्वीर को और जटिल बना दिया है। इससे यह जोखिम बढ़ गया है कि ईंधन की ऊंची लागत मूल्य दबाव को ऊंचा बनाए रख सकती है, जो फेडरल रिजर्व के फैसलों को प्रभावित कर सकता है।