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ईरान-अमेरिका तनाव से ब्रेंट क्रूड $90 के पार, वैश्विक शेयर बाजारों पर दबाव

Summary
मध्य पूर्व में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव के कारण ब्रेंट क्रूड की कीमतें जून के बाद पहली बार $90 प्रति बैरल से ऊपर चली गईं। इस बीच, निवेशक प्रमुख तकनीकी कंपनियों की आय रिपोर्ट और फेडरल रिजर्व के अगले कदम का इंतजार कर रहे हैं।
मध्य पूर्व में अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य संघर्ष ने सोमवार को वैश्विक बाजारों में चिंता बढ़ा दी, जिससे ब्रेंट क्रूड का वायदा भाव जून के बाद पहली बार $90 प्रति बैरल के पार चला गया। यह तेजी ऐसे समय में आई है जब निवेशक पिछले सप्ताह के मुद्रास्फीति के नरम आंकड़ों के बजाय भू-राजनीतिक जोखिमों पर अधिक ध्यान केंद्रित कर रहे हैं।
तेल बाजार में उबाल
अमेरिका द्वारा लगातार नौवें दिन ईरानी ठिकानों पर हमले और जवाब में अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हुए हमलों के बाद तेल बाजार में हलचल तेज हो गई है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरानी हमलों में कम से कम तीन अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई है।
इस तनाव के कारण होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) से जहाजों की आवाजाही काफी धीमी हो गई है, जो वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए एक महत्वपूर्ण मार्ग है। हालांकि, ईरान के विदेश मंत्रालय द्वारा बातचीत की संभावना जताने के बाद ब्रेंट क्रूड की कीमतें $90 के स्तर से थोड़ा नीचे आ गईं। अमेरिका में, औसत खुदरा गैसोलीन की कीमतें फिर से $4 प्रति गैलन से ऊपर पहुंच गई हैं।
शेयर बाजारों पर बिकवाली का दबाव
बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने शेयर बाजारों पर नकारात्मक प्रभाव डाला है, खासकर प्रौद्योगिकी शेयरों पर। दक्षिण कोरिया का KOSPI सूचकांक सोमवार को चिप शेयरों में बिकवाली के कारण 3% तक गिर गया।
Adअमेरिकी बाजारों में भी पिछले कुछ सप्ताह टेक शेयरों के लिए मुश्किल भरे रहे हैं। प्रमुख चिप स्टॉक पिछले सप्ताह 10% और जून में अपने उच्चतम स्तर से 20% तक गिर चुके हैं, जो कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) को लेकर बाजार के अत्यधिक उत्साह में कमी का संकेत देता है।
आगे क्या उम्मीद करें?
बाजार की नजर अब इस सप्ताह जारी होने वाली प्रमुख अमेरिकी कंपनियों की आय रिपोर्ट पर होगी। बुधवार को अल्फाबेट (Alphabet) के नतीजों से शुरुआत होगी, जिसके बाद इंटेल (Intel) और टेस्ला (Tesla) जैसी कंपनियां भी अपनी रिपोर्ट पेश करेंगी। ये नतीजे बाजार की आगे की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।
इसके अलावा, निवेशक अमेरिकी फेडरल रिजर्व की भविष्य की नीति पर भी नजर बनाए हुए हैं। वायदा बाजार के अनुसार, सितंबर तक फेड द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की दो-तिहाई संभावना है। साथ ही, ब्रिटेन में नए प्रधानमंत्री एंडी बर्नहैम के पदभार ग्रहण करने और उनके द्वारा चुने जाने वाले वित्त मंत्री पर भी बाजार की नजर रहेगी।