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मैक्रो बदलावों के बीच बिटकॉइन में तीन दिनों में 20% से अधिक का उछाल, 2023 की सबसे बड़ी बढ़त दर्ज

बिटकॉइन और अन्य क्रिप्टोकरेंसी में व्यापक आर्थिक परिदृश्य में बदलाव के कारण जोरदार तेजी देखी जा रही है, जिसमें प्रमुख क्रिप्टोकरेंसी ने तीन दिनों में 20% से अधिक की बढ़त दर्ज की है। यह 2023 में बिटकॉइन की सबसे बड़ी तीन-दिवसीय उछाल है, जो निवेशकों की धारणा में एक महत्वपूर्ण मोड़ का संकेत देती है।
रैली के पीछे के कारण
यह तेजी पिछले हफ्ते अमेरिकी ट्रेजरी की एक घोषणा के बाद शुरू हुई, जिसमें उसने लंबी अवधि के सरकारी बॉन्ड की अपनी होल्डिंग्स को दोगुना करने की योजना बताई। इस कदम से बॉन्ड यील्ड (प्रतिफल) में अस्थायी गिरावट आई, जिससे बिटकॉइन जैसी जोखिम वाली संपत्तियों और सोने जैसी दुर्लभ संपत्तियों का आकर्षण बढ़ गया।
इस उछाल ने एक बड़े शॉर्ट-स्क्वीज को भी जन्म दिया, जिसके परिणामस्वरूप 4 बिलियन डॉलर से अधिक की क्रिप्टो शॉर्ट पोजीशन को लिक्विडेट (समाप्त) कर दिया गया। इसके साथ ही, मुद्रास्फीति और बढ़ते राजकोषीय घाटे को लेकर निवेशकों की चिंताएं भी वैकल्पिक संपत्तियों की मांग को बढ़ा रही हैं।
संस्थागत मांग और विशेषज्ञ राय
बाजार में संस्थागत निवेशकों की रुचि भी लौटती दिख रही है। पिछले हफ्ते, स्पॉट बिटकॉइन ईटीएफ में 1.92 बिलियन डॉलर का शुद्ध प्रवाह देखा गया, जो पिछले साल अक्टूबर के बाद से सबसे बड़ा साप्ताहिक प्रवाह है। यह आंकड़ा संस्थागत पूंजी की वापसी का एक मजबूत संकेत है।
Adब्रिजवाटर एसोसिएट्स के संस्थापक रे डालियो की टिप्पणियों ने भी इस तेजी को बल दिया है। उन्होंने चेतावनी दी कि प्रमुख अर्थव्यवस्थाएं आने वाले वर्षों में ऋण संकट का सामना कर सकती हैं और निवेशकों को बिटकॉइन में "मामूली आवंटन" करने की सलाह दी, जिससे क्रिप्टोकरेंसी के प्रति धारणा को और समर्थन मिला।
बाजार का प्रदर्शन और आगे की राह
सोमवार को बिटकॉइन की कीमत 1% से अधिक बढ़कर $80,000 के करीब पहुंच गई, जो मई के बाद का उच्चतम स्तर है। इसी तरह, इथेरियम भी 2% बढ़कर लगभग $2,470 पर कारोबार कर रहा था। क्रिप्टो-संबंधित शेयरों में भी तेजी देखी गई, जिसमें MicroStrategy (MSTR) और Strive जैसे स्टॉक शामिल हैं।
हालांकि, BTIG के विश्लेषक जोनाथन क्रिंस्की ने अपनी एक रिपोर्ट में आगाह किया है कि जनवरी 2023 में भी इसी तरह की 20% की उछाल देखी गई थी, लेकिन बाद में वह तेजी फीकी पड़ गई थी। विश्लेषकों का मानना है कि इस रैली की निरंतरता यह निर्धारित करेगी कि क्या यह बाजार की दिशा में एक स्थायी बदलाव है।