Story
ऑस्टल के शेयरों में उछाल, अमेरिकी कारोबार के लिए वाइल्डकैट ने लगाई ऊंची बोली

ऑस्ट्रेलियाई जहाज निर्माता कंपनी ऑस्टल (Austal) के शेयरों में आज 7.8% की जोरदार उछाल दर्ज की गई, जिससे शेयर की कीमत A$4.69 पर पहुँच गई। यह तेजी कंपनी द्वारा ASX पर एक औपचारिक घोषणा के बाद आई, जिसमें पुष्टि की गई कि उसे अपने अमेरिकी कारोबार की खरीद के लिए एक नया प्रस्ताव मिला है।
वाइल्डकैट की नई पेशकश
ऑस्टल ने खुलासा किया कि उसे वाइल्डकैट इंफ्रास्ट्रक्चर (Wildcat Infrastructure) के नेतृत्व वाले एक सिंडिकेट से एक गैर-बाध्यकारी सांकेतिक प्रस्ताव मिला है। यह पेशकश ऑस्टल यूएसए (Austal USA) को US$1.25 बिलियन से US$1.35 बिलियन के बीच खरीदने के लिए है, जो नकद-मुक्त और ऋण-मुक्त आधार पर होगी।
इस घोषणा से पहले सत्र में कंपनी के शेयरों में ट्रेडिंग पर संक्षिप्त रोक लगा दी गई थी, जिससे निवेशकों की उम्मीदें पहले ही बढ़ गई थीं। वाइल्डकैट ने कहा है कि उसका इरादा ऑस्टल ब्रांड को बनाए रखने और अमेरिकी कारोबार को एक स्वतंत्र प्लेटफॉर्म के रूप में चलाने का है, जिसके लिए लगभग चार सप्ताह की ड्यू डिलिजेंस प्रक्रिया होगी।
अधिग्रहण की दौड़ हुई तेज
वाइल्डकैट के इस प्रस्ताव ने अधिग्रहण की प्रक्रिया में प्रतिस्पर्धी दबाव को काफी बढ़ा दिया है, जिससे यह अब दो दावेदारों की दौड़ बन गई है। इससे पहले, दक्षिण कोरिया की हनवा (Hanwha) ने ऑस्टल के अमेरिकी परिचालन के लिए एक सशर्त, गैर-बाध्यकारी प्रस्ताव प्रस्तुत किया था।
Ad- हनवा का प्रस्ताव: US$1.05 बिलियन से US$1.2 बिलियन के बीच था।
- वाइल्डकैट का प्रस्ताव: इसका ऊपरी सिरा हनवा की बोली से अधिक है, जिससे ऑस्टल के लिए एक बेहतर सौदा होने की संभावना बढ़ गई है।
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि हनवा पहले से ही ऑस्टल में 19.9% की रणनीतिक हिस्सेदारी रखती है, जो इस अधिग्रहण की दौड़ को और भी दिलचस्प बनाता है।
बाजार पर प्रभाव और आगे की राह
दो प्रतिस्पर्धी बोलियों के सामने आने से निवेशकों में उत्साह है, क्योंकि उन्हें कंपनी के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण अमेरिकी शिपबिल्डिंग डिवीजन के लिए एक मूल्य-अनलॉकिंग लेनदेन की उम्मीद है। इसी वजह से शेयर की कीमत दिन के कारोबार में A$4.74 के उच्च स्तर पर पहुँच गई, जो इसके पिछले बंद भाव A$4.35 से काफी ऊपर है।
ऑस्टल का बोर्ड और उसके सलाहकार अब वाइल्डकैट के प्रस्ताव पर औपचारिक रूप से विचार कर रहे हैं। बाजार इस बात पर नजर रखेगा कि क्या यह प्रतिस्पर्धी स्थिति एक पक्के सौदे में बदलती है और कंपनी के शेयरधारकों के लिए क्या मूल्य लेकर आती है।