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AI फंडिंग की चिंताओं से एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली, टेक शेयरों में गिरावट

Summary
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस बूम के लिए आवश्यक भारी फंडिंग और चीन से बढ़ती प्रतिस्पर्धा को लेकर निवेशकों की चिंताओं के कारण एशियाई शेयर बाजारों, विशेष रूप से चिपमेकर शेयरों में मंगलवार को भारी गिरावट देखी गई।
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) बूम के लिए आवश्यक भारी फंडिंग को लेकर उपजी चिंताओं के कारण मंगलवार को एशियाई बाजारों में भारी बिकवाली देखी गई, जिसका नेतृत्व चिप बनाने वाली कंपनियों ने किया। चीन के सेमीकंडक्टर क्षेत्र से बढ़ती प्रतिस्पर्धा के दबाव ने भी निवेशकों की धारणा को कमजोर किया।
बाजारों में तेज गिरावट
इस बिकवाली का असर पूरे एशिया में महसूस किया गया, जिसमें टेक्नोलॉजी-केंद्रित बाजार सबसे ज्यादा प्रभावित हुए।
- दक्षिण कोरिया का KOSPI सूचकांक 8% से अधिक गिरकर तीन महीने के निचले स्तर पर आ गया, जिससे सर्किट ब्रेकर लगाना पड़ा। एसके हाइनिक्स (SK Hynix) के शेयर लगभग 11% और सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) के शेयर 9% से अधिक गिरे।
- जापान का निक्केई (Nikkei) सूचकांक 4% लुढ़क गया। कियोक्सिया (Kioxia) के शेयरों में 18% और टोक्यो इलेक्ट्रॉन (Tokyo Electron) में 9.8% की भारी गिरावट आई।
- यह गिरावट अमेरिकी बाजार के रुख के अनुरूप थी, जहां फिलाडेल्फिया सेमीकंडक्टर इंडेक्स (Philadelphia Semiconductor index) में 2.2% की गिरावट आई थी।
बिकवाली के पीछे के कारण
बाजार में इस तेज गिरावट के पीछे मुख्य रूप से दो प्रमुख कारक थे: AI की लागत पर चिंता और चीन से प्रतिस्पर्धा का डर। वॉल स्ट्रीट जर्नल की एक रिपोर्ट के अनुसार, एनवीडिया (Nvidia) एक बड़े डेटा सेंटर प्रोजेक्ट के हिस्से के रूप में ओपनएआई (OpenAI) के लिए लगभग $250 बिलियन की फाइनेंसिंग गारंटी प्रदान करने के लिए बातचीत कर रहा है। इस खबर से एनवीडिया के शेयरों में रात भर में 5% की गिरावट आई, जिससे AI परियोजनाओं की विशाल पूंजीगत मांगों को लेकर चिंताएं बढ़ गईं।
Adइसके अलावा, चीन की बढ़ती तकनीकी क्षमताओं ने भी निवेशकों को चिंतित किया है। द इंफॉर्मेशन की रिपोर्ट के अनुसार, चीन ने घरेलू स्तर पर विकसित इमर्शन डीप अल्ट्रावॉयलेट (DUV) लिथोग्राफी मशीनें बनाना शुरू कर दिया है, जो एक चिप बनाने वाला उपकरण है जिस पर लंबे समय से डच सप्लायर ASML का प्रभुत्व रहा है। इस खबर के बाद ASML के शेयरों में 8.5% की गिरावट आई।
अन्य बाजारों और मुद्राओं पर असर
तेल की कीमतों में गिरावट के बावजूद बॉन्ड बाजार को ज्यादा राहत नहीं मिली। अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने से ब्रेंट क्रूड वायदा गिरकर $87.55 प्रति बैरल पर आ गया। हालांकि, निवेशक अभी भी अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा इस सप्ताह ब्याज दरों में बढ़ोतरी की संभावना को लेकर सतर्क हैं, जिसकी संभावना ट्रेडर्स लगभग 38% मान रहे हैं।
ब्याज दरों में बढ़ोतरी की उम्मीदों ने डॉलर को समर्थन दिया है। इस बीच, जापानी येन डॉलर के मुकाबले 163.78 पर कारोबार कर रहा था, जो चार दशक के निचले स्तर के करीब है। बाजार इस बात को लेकर सतर्क है कि अगर बैंक ऑफ जापान अपनी नीति में कोई बदलाव नहीं करता है तो येन में और गिरावट आ सकती है, जिससे हस्तक्षेप की संभावना बढ़ जाएगी।