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एआई पर बढ़ते खर्च की उम्मीदों से एशियाई बाजारों में तेजी, चिप शेयरों में जोरदार वापसी

मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने के बावजूद, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) में निवेश को लेकर नए सिरे से बने उत्साह के कारण शुक्रवार को एशियाई शेयर बाजारों में जोरदार तेजी देखी गई, जिसका नेतृत्व सेमीकंडक्टर शेयरों ने किया। निवेशकों ने भू-राजनीतिक जोखिमों को नजरअंदाज करते हुए चिप निर्माताओं द्वारा बड़े पूंजीगत व्यय की घोषणाओं पर ध्यान केंद्रित किया।
चिप शेयरों ने पकड़ी रफ्तार
इस सप्ताह की शुरुआत में प्रौद्योगिकी शेयरों में आई गिरावट के बाद यह एक महत्वपूर्ण वापसी है, जिसमें दक्षिण कोरियाई बाजार ने एक बार फिर क्षेत्रीय रुझान तय किया। दक्षिण कोरिया का KOSPI सूचकांक 4.2% उछल गया, जिससे इस सप्ताह हुए कुछ भारी नुकसान की भरपाई हुई।
- सैमसंग इलेक्ट्रॉनिक्स (Samsung Electronics) का शेयर 4.9% चढ़ा, जबकि एसके हाइनिक्स (SK Hynix) अपने $26.5 बिलियन के अमेरिकी डिपॉजिटरी शेयर (ADS) ऑफरिंग के बाद 1.5% मजबूत हुआ।
- यह सकारात्मक माहौल तब बना जब माइक्रोन टेक्नोलॉजी (Micron Technology) ने घोषणा की कि वह मेमोरी-चिप उत्पादन का विस्तार करने के लिए 2035 तक अमेरिका में अपने निवेश को बढ़ाकर लगभग $250 बिलियन करेगी।
- जापान का निक्केई 225 (Nikkei 225) लगभग 2% बढ़ा, जबकि टोपिक्स (TOPIX) में 0.7% की तेजी आई।
भू-राजनीतिक तनाव बेअसर
बाजारों ने संयुक्त राज्य अमेरिका और ईरान के बीच नए सैन्य हमलों और जवाबी कार्रवाइयों की काफी हद तक अनदेखी की। निवेशकों ने भू-राजनीतिक जोखिमों के बजाय कॉर्पोरेट निवेश योजनाओं और कमाई की संभावनाओं पर अपना ध्यान केंद्रित रखा, जिससे तेल की कीमतों पर असर सीमित रहा।
Adअन्य एशियाई बाजारों का प्रदर्शन
एशिया के अन्य प्रमुख बाजारों में भी सकारात्मक रुख देखा गया। हांगकांग का हैंग सेंग (Hang Seng) सूचकांक 1.8% चढ़कर 17 जून के बाद के अपने उच्चतम स्तर पर पहुंच गया।
- चीन के शंघाई शेन्ज़ेन CSI 300 और शंघाई कंपोजिट सूचकांक क्रमशः 0.2% और 0.4% चढ़े, क्योंकि निवेशक बीजिंग से और नीतिगत समर्थन की उम्मीद कर रहे थे।
- ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 सूचकांक 0.7% बढ़ा, जिसे यूरेनियम खनिकों के शेयरों में आई तेजी से समर्थन मिला।
- ताइवान के बाजार सार्वजनिक अवकाश के कारण बंद थे।
आगे क्या होगा?
अब निवेशकों का ध्यान अगले सप्ताह आने वाले महत्वपूर्ण आर्थिक आंकड़ों पर केंद्रित है। चीन के व्यापार, दूसरी तिमाही के सकल घरेलू उत्पाद (GDP), और औद्योगिक उत्पादन के आंकड़े जारी होंगे। इसके अलावा, भारत की जून माह की मुद्रास्फीति रिपोर्ट और बैंक ऑफ कोरिया की नीतिगत बैठक भी बाजार की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।