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तेल की कीमतों में उछाल और फेड की दरों में बढ़ोतरी की आशंका से एशियाई बाजारों में भारी गिरावट

शुक्रवार को एशियाई शेयर बाजारों में भारी गिरावट दर्ज की गई, क्योंकि तेल की कीमतों में उछाल और अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में बढ़ोतरी की बढ़ती आशंकाओं ने चिप शेयरों को लेकर बने सकारात्मक माहौल पर पानी फेर दिया। यह गिरावट वॉल स्ट्रीट पर लगातार चौथे दिन की कमजोरी के बाद आई, जहां निवेशकों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
बिकवाली के पीछे के मुख्य कारण
बाजार में इस नकारात्मक धारणा के पीछे दो प्रमुख कारक थे: तेल की कीमतों में तेज वृद्धि और बढ़ती बॉन्ड यील्ड। इन्वेस्टिंग डॉट कॉम की रिपोर्ट के अनुसार, ब्रेंट क्रूड वायदा $100 प्रति बैरल के महत्वपूर्ण मनोवैज्ञानिक स्तर को पार कर गया, जिससे मुद्रास्फीति बढ़ने की चिंताएं फिर से बढ़ गई हैं।
इसके अलावा, अमेरिका में उम्मीद से अधिक उत्पादक मूल्य सूचकांक (PPI) के आंकड़ों ने इस संभावना को और मजबूत कर दिया है कि फेडरल रिजर्व अगले हफ्ते ब्याज दरों में बढ़ोतरी कर सकता है। रिपोर्ट के मुताबिक, बाजार अब दर वृद्धि की लगभग 70% संभावना मानकर चल रहा है। इन चिंताओं के कारण अमेरिकी ट्रेजरी यील्ड में भी बढ़ोतरी हुई, जिससे जोखिम वाली संपत्तियों जैसे शेयरों पर दबाव बढ़ा।
टेक्नोलॉजी और चिप शेयरों पर व्यापक असर
इस व्यापक बिकवाली का असर एशिया के प्रौद्योगिकी-केंद्रित बाजारों पर सबसे अधिक महसूस किया गया। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) की मांग को लेकर सप्ताह की शुरुआत में चिप शेयरों में जो तेजी आई थी, वह व्यापक आर्थिक चिंताओं के कारण धूमिल हो गई।
प्रमुख एशियाई सूचकांकों में भारी गिरावट देखी गई:
Ad- जापान का निक्केई 225 (Nikkei 225) 2.9% टूटा।
- दक्षिण कोरिया का कोस्पी (KOSPI) 2.4% गिरा।
- हांगकांग का हैंग सेंग (Hang Seng) 1.5% नीचे आया।
दक्षिण कोरिया की SK Hynix और Samsung Electronics जैसी प्रमुख सेमीकंडक्टर कंपनियों के शेयरों में क्रमशः 3.4% और 3.9% की गिरावट आई। ताइवान की TSMC के शेयर भी 1.43% फिसल गए।
चीन और अन्य क्षेत्रीय बाजार
चीन के बाजारों में भी कमजोरी का रुख रहा, जहां शंघाई कंपोजिट इंडेक्स (Shanghai Composite) 2% से अधिक गिर गया। हालांकि, इस गिरावट के बीच, Tencent समर्थित AI-चिप निर्माता Shanghai Enflame Technology ने अपने शंघाई डेब्यू पर लगभग 200% की शानदार बढ़त हासिल की, जो घरेलू AI चिप्स की मजबूत मांग को दर्शाता है।
अन्य क्षेत्रीय बाजारों में भी बिकवाली का दबाव देखा गया। ऑस्ट्रेलिया का S&P/ASX 200 1.26% गिरा, जबकि भारत का निफ्टी 50 वायदा भी कमजोर कारोबार कर रहा था। यह घटनाक्रम दर्शाता है कि कैसे वैश्विक मैक्रो-इकोनॉमिक जोखिम, विशेष रूप से ऊर्जा की कीमतें और मौद्रिक नीति, क्षेत्रीय बाजार की धारणा को तेजी से प्रभावित कर सकते हैं, भले ही कुछ क्षेत्रों में आंतरिक मजबूती हो।