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सोने की कीमतों में सुधार से एशियाई गोल्ड शेयरों में तेजी

Summary
लगभग छह सप्ताह के निचले स्तर से बुलियन की कीमतों में रिकवरी के बाद शुक्रवार को एशियाई गोल्ड माइनिंग कंपनियों के शेयरों में उछाल आया। डॉलर में नरमी और तेल की कीमतों में गिरावट ने इस तेजी का समर्थन किया।
शुक्रवार को एशियाई गोल्ड माइनिंग कंपनियों के शेयरों में तेजी आई, क्योंकि बुलियन की कीमतें लगभग छह सप्ताह के निचले स्तर से उबर गईं। अमेरिकी डॉलर में नरमी और तेल की कीमतों में गिरावट ने अमेरिकी ब्याज दरों में और बढ़ोतरी की उम्मीदों के दबाव को कम करने में मदद की।
सोने की कीमतों में उछाल
Investing.com के अनुसार, गुरुवार को सोने में 2% से अधिक की तेजी आई, जो पिछले दिन के निचले स्तर से एक महत्वपूर्ण रिकवरी थी। तेल की कीमतों में गिरावट से मुद्रास्फीति संबंधी चिंताएं कम हुईं और डॉलर कमजोर हुआ, जिससे सोने की मांग को बल मिला।
हाजिर सोने का भाव $4,360.36 प्रति औंस पर पहुंच गया, जबकि अमेरिकी सोना वायदा 0.3% बढ़कर $4,399.70 पर बंद हुआ। शुक्रवार को भी यह तेजी जारी रही और हाजिर सोने की कीमतें लगभग 0.5% बढ़कर $4,361 प्रति औंस पर कारोबार कर रही थीं।
खनन शेयरों पर असर
बुलियन में इस रिकवरी का असर पूरे एशिया की गोल्ड माइनिंग कंपनियों के शेयरों पर सकारात्मक रूप से दिखा।
Ad- ऑस्ट्रेलियाई और जापानी खनिक: जेनेसिस मिनरल्स (Genesis Minerals) 4.3% चढ़ा, इवोल्यूशन माइनिंग (Evolution Mining) में 2.9% और नॉर्दर्न स्टार रिसोर्सेज (Northern Star Resources) में 2.5% की बढ़त हुई। सुमितोमो मेटल माइनिंग (Sumitomo Metal Mining) और वेस्टगोल्ड रिसोर्सेज (Westgold Resources) दोनों में 2.4% की तेजी आई।
- चीनी खनिक: चिफ़ेंग जिलॉन्ग गोल्ड माइनिंग (Chifeng Jilong Gold Mining) 1.7% बढ़ा और ज़िजिन गोल्ड इंटरनेशनल (Zijin Gold International) में 1% की बढ़त देखी गई। हालांकि, शैनडोंग गोल्ड (Shandong Gold) और झाओजिन माइनिंग इंडस्ट्री (Zhaojin Mining Industry) में क्रमशः 2.6% और 3.3% की गिरावट दर्ज की गई।
फेडरल रिजर्व का रुख और आगे की राह
सोने में यह उछाल अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में 25 आधार अंकों की बढ़ोतरी कर इसे 3.75%-4% करने के ठीक बाद आया है। फेड ने इस साल के अंत में एक और बढ़ोतरी का संकेत दिया था, जिसने शुरू में सोने जैसी बिना-यील्ड वाली संपत्ति पर दबाव डाला था।
हालांकि, बाद में ट्रेजरी यील्ड में कमी और डॉलर के पीछे हटने से सोने की मांग को फिर से समर्थन मिला। विश्लेषकों का मानना है कि सोने का भविष्य अमेरिकी मौद्रिक नीति के पथ पर बहुत अधिक निर्भर करेगा, क्योंकि उच्च ब्याज दरें आमतौर पर बुलियन को निवेशकों के लिए कम आकर्षक बनाती हैं।