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फ़ॉकलैंड तेल विवाद: अर्जेंटीना के कड़े रुख से नेविटास और रॉकहॉपर के शेयरों में गिरावट

अर्जेंटीना के राष्ट्रपति जेवियर माइली की सरकार ने ब्रिटिश-नियंत्रित फ़ॉकलैंड द्वीप समूह के पास तेल की खोज के खिलाफ एक आक्रामक रुख अपनाया है, जिससे इस परियोजना में शामिल कंपनियों के शेयरों में भारी गिरावट आई है। राष्ट्रपति ने घोषणा की है कि वह कांग्रेस में एक विधेयक पेश करेंगे जिसका उद्देश्य द्वीपों पर ड्रिलिंग करने वाली कंपनियों के खिलाफ प्रतिबंधों को और सख्त करना है।
प्रस्तावित उपाय और पृष्ठभूमि
गुरुवार को एक टेलीविज़न संबोधन में, राष्ट्रपति माइली ने कहा कि प्रस्तावित विधेयक उन कंपनियों को लक्षित करेगा जो "द्वीपों पर ऐसी गतिविधियों में भाग लेती हैं जो हमारे प्राकृतिक संसाधनों को प्रभावित करती हैं।" यह कदम माइली के पिछले कूटनीतिक दृष्टिकोण से एक महत्वपूर्ण बदलाव का प्रतीक है, क्योंकि फ़ॉकलैंड (अर्जेंटीना में माल्विनास के रूप में जाना जाता है) पर संप्रभुता का दावा देश में एक गहरा और संवेदनशील मुद्दा बना हुआ है।
रॉयटर्स के अनुसार, इस योजना में एक राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद का निर्माण और टिएरा डेल फुएगो के दक्षिणी प्रांत में एक नौसैनिक अड्डे के लिए अधिक धन का आवंटन भी शामिल है, जो फ़ॉकलैंड और अंटार्कटिका के लिए एक रणनीतिक प्रवेश द्वार है।
बाज़ार पर असर और कंपनियों की प्रतिक्रिया
इस घोषणा के बाद शुक्रवार को परियोजना में शामिल कंपनियों के शेयरों में तेज गिरावट देखी गई।
Ad- नेविटास पेट्रोलियम (Navitas Petroleum): सी लायन (Sea Lion) तेल क्षेत्र की बहुलांश मालिक।
- रॉकहॉपर एक्सप्लोरेशन (Rockhopper Exploration): इस परियोजना में 35% हिस्सेदारी रखती है।
दोनों कंपनियों ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि उनके पास वैध पेट्रोलियम लाइसेंस हैं और उन्हें नहीं लगता कि माइली की टिप्पणियों से परियोजना प्रभावित होगी। हालांकि, इस घटनाक्रम ने निवेशकों के बीच अनिश्चितता पैदा कर दी है।
राजनीतिक संदर्भ और विश्लेषण
यह कदम ऐसे समय में आया है जब राष्ट्रपति माइली की घरेलू अनुमोदन रेटिंग कम है, जो जुबान कॉर्डोबा एंड एसोसिएट्स के अगस्त के एक सर्वेक्षण के अनुसार 36.8% थी। विश्लेषकों का मानना है कि फ़ॉकलैंड पर एक मजबूत रुख अपनाकर, माइली अपनी राजनीतिक स्थिति को मजबूत करने की कोशिश कर रहे हैं। इस कदम को उनके कुछ राजनीतिक विरोधियों से भी समर्थन मिला है, जिन्होंने इसे अर्जेंटीना के ऐतिहासिक रुख की वापसी के रूप में देखा है।
यह घोषणा पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प की उस टिप्पणी के कुछ दिनों बाद आई है जिसमें उन्होंने सुझाव दिया था कि अमेरिका इस विवाद पर अपनी तटस्थ स्थिति पर पुनर्विचार कर सकता है। ब्रिटेन ने शुक्रवार को कहा कि द्वीपों पर उसकी स्थिति "अटल" है।