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ZTE समेत चीनी कंपनियों को Nvidia के H200 चिप्स खरीदने का अमेरिकी लाइसेंस मिला: रिपोर्ट

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Jul 14, 20262 min read
ZTE समेत चीनी कंपनियों को Nvidia के H200 चिप्स खरीदने का अमेरिकी लाइसेंस मिला: रिपोर्ट

Summary

रॉयटर्स की एक रिपोर्ट के अनुसार, दूरसंचार उपकरण निर्माता ZTE की एक इकाई और दो अन्य चीनी फर्मों को Nvidia और AMD से उन्नत AI चिप्स खरीदने के लिए अमेरिकी सरकार की मंजूरी मिल गई है। यह कदम अमेरिका-चीन तकनीकी प्रतिबंधों के बीच एक महत्वपूर्ण विकास का संकेत देता है।

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Background

रॉयटर्स ने दस्तावेजों और मामले से परिचित स्रोतों का हवाला देते हुए बताया है कि दूरसंचार उपकरण निर्माता ZTE कॉर्प की एक इकाई और दो अन्य चीनी फर्मों को Nvidia और AMD से उन्नत आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) चिप्स खरीदने के लिए अमेरिकी मंजूरी मिल गई है। यह विकास अमेरिका द्वारा चीन की उन्नत कंप्यूटिंग शक्ति तक पहुंच को प्रतिबंधित करने के प्रयासों के बीच हुआ है।

किन कंपनियों को मिली मंजूरी?

रिपोर्ट के अनुसार, लाइसेंस प्राप्त करने वाली कंपनियों में ZTE की इकाई ZTE Kangxun Telecom और सर्वर निर्माता Maginfra शामिल हैं, जिन्हें Nvidia के H200 चिप्स खरीदने की अनुमति दी गई है। इसके अतिरिक्त, क्लाउड कंप्यूटिंग कंपनी किंगसॉफ्ट की सहायक कंपनी Zhuhai Hengqin Yunxiang Zhisheng Network Technology को कुछ AMD चिप्स का उपयोग करने की मंजूरी मिली है जो H200 के प्रतिस्पर्धी हैं।

ये लाइसेंस उन कंपनियों की सूची का विस्तार करते हैं जिन्हें पहले मंजूरी मिली थी। मई में रॉयटर्स ने रिपोर्ट किया था कि अलीबाबा, टेनसेंट और बाइटडांस जैसी लगभग 10 बड़ी चीनी इंटरनेट कंपनियों को मंजूरी मिली थी, लेकिन उस समय कोई डिलीवरी नहीं हुई थी।

बाजार और भू-राजनीतिक संदर्भ

Nvidia का H200 चिप, जो बड़े AI मॉडल को प्रशिक्षित करने और चलाने के लिए उपयोग किए जाने वाले सबसे शक्तिशाली चिप्स में से एक है, अमेरिका-चीन तकनीकी प्रतिद्वंद्विता का केंद्र बिंदु बन गया है। वाशिंगटन 2022 से चीन को उन्नत AI चिप्स के निर्यात पर लगातार प्रतिबंधों को कड़ा कर रहा है, यह तर्क देते हुए कि यह तकनीक चीन के सैन्य आधुनिकीकरण में मदद कर सकती है।

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हालांकि, अमेरिकी प्रशासन ने H200 की बिक्री की अनुमति दी है, जिसकी वैश्विक स्तर पर शिपिंग 2024 में शुरू हुई थी। कुछ विश्लेषकों का तर्क है कि यह निर्यात अमेरिकी तकनीकी प्रभुत्व को बढ़ावा देता है, जबकि Nvidia दुनिया के सबसे बड़े प्रौद्योगिकी बाजारों में से एक तक अपनी पहुंच बनाए रखना चाहती है।

आगे की राह

अमेरिकी मंजूरी के बावजूद, सौदे वाशिंगटन और बीजिंग दोनों में अनुमोदन आवश्यकताओं और जांच के बीच फंसे हुए थे। हालांकि, सूत्रों ने बताया कि कुछ चीनी क्लाउड फर्मों ने हाल ही में संकेत दिया है कि उन्हें जल्द ही H200 चिप्स मिल सकते हैं, जो चीनी अधिकारियों द्वारा आयात समीक्षा में कुछ प्रगति का संकेत देता है।

इस बीच, चीन घरेलू विकल्पों को प्रोत्साहित कर रहा है, जिससे इस बात पर अनिश्चितता बनी हुई है कि अमेरिकी निर्यात लाइसेंस मिलने के बाद भी चिप की बिक्री आगे बढ़ पाएगी या नहीं। रिपोर्ट के अनुसार, ZTE, Nvidia, AMD और संबंधित सरकारी एजेंसियों ने इस मामले पर टिप्पणी करने से इनकार कर दिया।

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