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X पर आयरलैंड में जांच शुरू, बच्चों की ऑनलाइन सुरक्षा में विफलता का आरोप

आयरलैंड के मीडिया नियामक ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के खिलाफ एक औपचारिक जांच शुरू की है। कंपनी पर आरोप है कि वह अपने प्लेटफॉर्म पर बच्चों को ऑनलाइन खतरों से बचाने के लिए, विशेष रूप से उम्र सत्यापन और अभिभावक नियंत्रण के संबंध में, प्रभावी उपाय लागू करने में विफल रही है।
जांच के प्रमुख बिंदु
आयरलैंड के मीडिया आयोग, कोइमिसियन ना मेन (Coimisiún na Meán) ने मंगलवार को यह घोषणा की। जांच मुख्य रूप से X की आयु सत्यापन प्रणाली (age verification system) की प्रभावशीलता पर केंद्रित होगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि नाबालिग वयस्क सामग्री तक न पहुंच सकें।
नियामक के अनुसार, जांच के दायरे में निम्नलिखित बिंदु शामिल हैं:
- क्या X के पास नाबालिगों को अश्लील और अत्यधिक हिंसक सामग्री जैसे वयस्क वीडियो कंटेंट तक पहुंचने से रोकने के लिए पर्याप्त मजबूत तंत्र हैं।
- आयोग ने स्पष्ट किया कि केवल उपयोगकर्ता द्वारा अपनी उम्र घोषित करना "प्रभावी आयु सत्यापन" के मानक को पूरा नहीं करता है।
- जांच में X के अभिभावक नियंत्रण (parental controls) की भी समीक्षा की जाएगी कि क्या वे न्यूनतम आवश्यकताओं को पूरा करते हैं, आसानी से उपलब्ध हैं, और नए उपयोगकर्ताओं के लिए पंजीकरण के दौरान प्रस्तुत किए जाते हैं।
नियामक का रुख और संभावित जुर्माना
Adडिजिटल सेवा आयुक्त जॉन इवांस ने कहा कि जो प्लेटफॉर्म नाबालिगों को अनुमति देते हैं और वयस्क सामग्री भी होस्ट करते हैं, उन्हें यह सुनिश्चित करना चाहिए कि बच्चे सामान्य परिस्थितियों में ऐसी सामग्री तक न पहुंच सकें। यह आयरलैंड के नए ऑनलाइन सुरक्षा संहिता (Online Safety Code) के तहत पहली औपचारिक जांच है, जो इसे एक महत्वपूर्ण मामला बनाती है।
यदि X को नियमों का उल्लंघन करते हुए पाया जाता है, तो नियामक उस पर उसके संबंधित वार्षिक कारोबार का 10% या €20 मिलियन, जो भी अधिक हो, तक का भारी जुर्माना लगा सकता है।
व्यापक संदर्भ
यह जांच X की नीतियों में एक स्पष्ट विरोधाभास को उजागर करती है, जो 16 वर्ष से कम उम्र के उपयोगकर्ताओं को पंजीकरण करने की अनुमति देती है, जबकि प्लेटफॉर्म पर वयस्क-केवल सामग्री की भी मेजबानी करती है। यह कदम केवल आयरलैंड तक ही सीमित नहीं है, क्योंकि फ्रांस, जर्मनी, स्पेन और इटली सहित कई अन्य यूरोपीय देश भी बच्चों की सुरक्षा के लिए सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर नियामक दबाव बढ़ा रहे हैं।