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यूक्रेन संघर्ष के घटनाक्रमों के बीच गेहूं वायदा में गिरावट

Summary
बुधवार को शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड में गेहूं वायदा में गिरावट आई, क्योंकि व्यापारी रूस-यूक्रेन युद्ध को समाप्त करने के राजनयिक प्रयासों और काला सागर से निर्यात में चल रही बाधाओं के बीच संतुलन बना रहे हैं।
शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड (CBOT) पर गेहूं वायदा अनुबंधों में बुधवार को गिरावट दर्ज की गई। निवेशक एक ओर रूस और यूक्रेन के बीच युद्ध समाप्त करने के लिए चल रहे कूटनीतिक प्रयासों पर नजर रख रहे हैं, तो वहीं दूसरी ओर काला सागर क्षेत्र से निर्यात में लगातार आ रही बाधाओं से उत्पन्न आपूर्ति संबंधी चिंताओं का भी आकलन कर रहे हैं।
वायदा कीमतों का प्रदर्शन
विभिन्न अनुबंधों में मिश्रित रुख देखा गया, हालांकि प्रमुख अनुबंधों में नरमी का माहौल रहा:
- CBOT दिसंबर सॉफ्ट रेड विंटर व्हीट अनुबंध 1/2 सेंट गिरकर $7.46-1/2 प्रति बुशेल पर आ गया।
- कैनसस सिटी दिसंबर हार्ड रेड विंटर व्हीट 1-1/2 सेंट की गिरावट के साथ $8.17-1/2 प्रति बुशेल पर कारोबार कर रहा था।
- इसके विपरीत, मिनियापोलिस दिसंबर स्प्रिंग व्हीट में 1/2 सेंट की मामूली बढ़त देखी गई और यह $7.55-1/2 प्रति बुशेल पर पहुंच गया।
आपूर्ति संबंधी चिंताएँ और संघर्ष
बाजार की धारणा को प्रभावित करने वाले प्रमुख कारकों में से एक काला सागर क्षेत्र में बढ़ता तनाव है। यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन ने नोवोरोस्सिय्स्क में रूसी ठिकानों पर हमला किया है, जिसमें एक नौसैनिक अड्डा और एक तेल लोडिंग टर्मिनल शामिल है।
Adव्यापारियों ने बंदरगाह पर अनाज के बुनियादी ढांचे को भी नुकसान पहुंचने की अपुष्ट रिपोर्टों का हवाला दिया, जिससे आपूर्ति बाधित होने की आशंका बढ़ गई है। इसके अलावा, कंसल्टेंसी सोवेकॉन (Sovecon) ने आज़ोव-काला सागर नहर में बढ़ती बाधाओं के कारण अपने रूसी अनाज निर्यात पूर्वानुमान को घटा दिया है, जो कीमतों पर ऊपर की ओर दबाव डाल सकता है।
कूटनीतिक प्रयासों का असर
दूसरी ओर, संघर्ष को समाप्त करने के संभावित राजनयिक प्रयासों की खबरों ने कीमतों पर दबाव डाला है। क्रेमलिन ने बुधवार को कहा कि रूस को उम्मीद है कि अमेरिका की मध्यस्थता वाली बातचीत जल्द ही फिर से शुरू होगी।
क्रेमलिन ने यह भी संकेत दिया कि अबू धाबी ऐसी बातचीत के लिए एक पसंदीदा स्थान हो सकता है। शांति वार्ता में किसी भी तरह की प्रगति से काला सागर क्षेत्र से अनाज की आपूर्ति सामान्य होने की उम्मीद बढ़ेगी, जिससे वैश्विक बाजारों में गेहूं की कीमतों में नरमी आ सकती है।