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काला सागर में तनाव कम होने की उम्मीद से गेहूं वायदा की कीमतों में गिरावट

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Sep 14, 20262 min read
काला सागर में तनाव कम होने की उम्मीद से गेहूं वायदा की कीमतों में गिरावट

Summary

सोमवार को शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड में गेहूं वायदा की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। यह गिरावट काला सागर क्षेत्र में संघर्ष कम होने की उम्मीदों के कारण हुई, जिससे अनाज शिपमेंट में सुधार की संभावनाएं बढ़ी हैं।

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Background

काला सागर क्षेत्र में रूस और यूक्रेन के बीच तनाव कम होने की उम्मीदों के चलते सोमवार को शिकागो बोर्ड ऑफ ट्रेड (CBOT) पर गेहूं वायदा की कीमतें गिरावट के साथ बंद हुईं। इस क्षेत्र से अनाज की आपूर्ति बाधित होने की चिंताओं में कमी आने से बाजार पर दबाव देखा गया।

वायदा कीमतों का प्रदर्शन

सोमवार के कारोबारी सत्र के अंत में विभिन्न गेहूं अनुबंधों में गिरावट दर्ज की गई। इन्वेस्टिंग.कॉम के आंकड़ों के अनुसार, प्रमुख कीमतें इस प्रकार रहीं:

  • दिसंबर सॉफ्ट रेड विंटर व्हीट (CBOT): 3-1/4 सेंट की गिरावट के साथ $7.22 प्रति बुशेल पर बंद हुआ। सत्र के दौरान यह $7.10 के स्तर तक गिर गया था, जो 26 अगस्त के बाद का सबसे निचला स्तर है।
  • कैनसस सिटी दिसंबर हार्ड रेड विंटर व्हीट: 6 सेंट गिरकर $7.92-1/2 प्रति बुशेल पर बंद हुआ।
  • मिनियापोलिस दिसंबर स्प्रिंग व्हीट: 8-3/4 सेंट की गिरावट के साथ $7.36-1/4 प्रति बुशेल पर बंद हुआ।

गिरावट के पीछे के कारण

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कीमतों में यह गिरावट अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के एक सोशल मीडिया पोस्ट के बाद आई, जिसमें उन्होंने कहा कि यूक्रेन और रूस एक-दूसरे के ऊर्जा बुनियादी ढांचे को निशाना नहीं बनाने पर सहमत हुए हैं। इस खबर से बाजार में यह उम्मीद जगी कि संघर्ष में कमी आ सकती है, जिससे काला सागर के रास्ते होने वाले अनाज निर्यात में सुधार होगा।

हालांकि, यूक्रेनी राष्ट्रपति वलोडिमिर ज़ेलेंस्की ने कहा कि यूक्रेन को इस बात पर भरोसा नहीं है कि रूस ऐसे किसी भी समझौते का पालन करेगा। इस बयान ने बाजार की अनिश्चितता को उजागर किया, लेकिन शुरुआती सकारात्मक प्रतिक्रिया के कारण कीमतें दिन के निचले स्तर पर रहीं।

अमेरिकी निर्यात के आंकड़े

इस बीच, अमेरिकी कृषि विभाग (USDA) ने अपनी नवीनतम साप्ताहिक रिपोर्ट में बताया कि अमेरिकी गेहूं का निर्यात निरीक्षण 456,720 मीट्रिक टन रहा। यह आंकड़ा 300,000 से 500,000 टन के व्यापारिक अनुमानों के अनुरूप था, इसलिए इसका बाजार पर कोई बड़ा अप्रत्याशित प्रभाव नहीं पड़ा।

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