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ईरान पर 'इतिहास के सबसे कड़े' प्रतिबंध लगाएगा अमेरिका, सोमवार को होगी घोषणा

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अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि उनका देश ईरान पर अब तक के सबसे कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाएगा, जिसका विवरण सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दिया जाएगा। उन्होंने चीन से भी इस मामले में सहयोग करने का आग्रह किया है।
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने गुरुवार को घोषणा की कि संयुक्त राज्य अमेरिका ईरान पर "इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंध" लगाएगा, और इस संबंध में विस्तृत जानकारी सोमवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी जाएगी। उन्होंने वाशिंगटन के इस कदम में बीजिंग से सहयोग करने का भी आग्रह किया है।
प्रतिबंधों का विवरण
CNBC के साथ एक साक्षात्कार में, बेसेंट ने कहा, "यह एक दोहरी मार है। हमने (ईरान पर) नाकाबंदी की है, और हम इतिहास के सबसे कड़े प्रतिबंध लगाने जा रहे हैं।" उन्होंने विश्वास जताया कि यह रणनीति ईरान में काम करेगी और "इस शासन को ध्वस्त कर देगी।"
यह घोषणा राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प द्वारा बुधवार को दी गई चेतावनी के बाद आई है, जिसमें उन्होंने ईरान को "किसी भी प्रकार की जीवन रेखा" प्रदान करने वाले किसी भी देश के खिलाफ आर्थिक परिणामों की चेतावनी दी थी। अमेरिका लगभग छह महीने पहले इज़राइल के साथ मिलकर शुरू हुए युद्ध को हल करने की कोशिश कर रहा है।
चीन पर दबाव और बाज़ार पर असर
बेसेंट ने चीन से सहयोग करने का आग्रह करते हुए कहा, "यह हमारे सहयोगियों और बाकी दुनिया के लिए एक निर्णय लेने का समय है।" उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि खाड़ी क्षेत्र से चीन अपनी ऊर्जा का 50% हिस्सा प्राप्त करता है, इसलिए होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलना और ऊर्जा की कीमतों को कम करना उसके हित में होगा।
Ad- एनालिटिक्स फर्म केपलर के 2025 के आंकड़ों के अनुसार, चीन ईरान के शिप किए गए तेल का 80% से अधिक खरीदता है।
- इस खबर के बाद गुरुवार को तेल की कीमतें तीन सप्ताह से अधिक के उच्चतम स्तर पर पहुंच गईं।
हालांकि, बेसेंट ने तेल की कीमतों में उछाल पर आश्चर्य व्यक्त किया। उन्होंने कहा, "मुझे लगता है कि तेल बाजार इस आर्थिक दबाव का गलत मतलब निकाल रहे हैं।" उन्होंने संकेत दिया कि अधिकतम आर्थिक दबाव का मतलब यह हो सकता है कि "बड़े पैमाने पर सैन्य संघर्ष की फिर से शुरुआत नहीं होगी।"
ईरान की प्रतिक्रिया
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराक़ची ने राष्ट्रपति ट्रम्प की टिप्पणियों को घरेलू वित्तीय समस्याओं से अमेरिकी जनता का ध्यान हटाने का एक प्रयास बताया। उन्होंने अमेरिका के रिकॉर्ड कर्ज और बढ़ती ब्याज दरों का उल्लेख किया। ईरान 1979 की इस्लामी क्रांति के बाद से लगभग 50 वर्षों से कड़े आर्थिक प्रतिबंधों का सामना कर रहा है।