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फेड गवर्नर पर राजनीतिक दबाव, कमजोर जॉब डेटा के बावजूद बाजार अनिश्चित

Summary
अमेरिका में जुलाई के कमजोर जॉब डेटा के बावजूद, फेडरल रिजर्व पर बढ़ते राजनीतिक दबाव और तेल की कीमतों ने ब्याज दरों पर अनिश्चितता बढ़ा दी है। निवेशक इस सप्ताह आने वाले महत्वपूर्ण महंगाई के आंकड़ों का इंतजार कर रहे हैं।
अमेरिका में जुलाई के रोजगार के आंकड़े उम्मीद से कमजोर रहने के बावजूद ब्याज दर बाजारों में कोई बड़ा बदलाव नहीं आया, क्योंकि फेडरल रिजर्व की एक गवर्नर पर राजनीतिक दबाव और बढ़ती तेल कीमतों ने निवेशकों को सतर्क कर दिया है। वॉल स्ट्रीट ने शुक्रवार को एक और रिकॉर्ड ऊंचाई पर कारोबार समाप्त किया, लेकिन भविष्य की दिशा अब इस सप्ताह आने वाले मुद्रास्फीति के आंकड़ों पर निर्भर करेगी।
उम्मीद से कमजोर रोजगार के आंकड़े
अमेरिकी श्रम विभाग की रिपोर्ट के अनुसार, जुलाई में अमेरिकी पेरोल में अप्रत्याशित रूप से 23,000 नौकरियों की गिरावट दर्ज की गई। इसके अलावा, मई और जून के आंकड़ों को भी संशोधित कर कुल 103,000 कम कर दिया गया, जो श्रम बाजार में नरमी का संकेत है।
इन कमजोर आंकड़ों के बावजूद, ब्याज दर बाजारों में अगले महीने फेडरल रिजर्व द्वारा दर वृद्धि की संभावना अभी भी लगभग 50-50 मानी जा रही है। इस रिपोर्ट के बाद ट्रेजरी यील्ड में भी दिन के अंत में मामूली गिरावट ही देखी गई, जो निवेशकों की अनिश्चितता को दर्शाता है।
फेड पर दबाव और अन्य बाजार कारक
बाजार की सतर्कता के पीछे कई कारण हैं, जिनमें फेडरल रिजर्व की स्वतंत्रता पर बढ़ती चिंताएं भी शामिल हैं। रॉयटर्स की रिपोर्ट के अनुसार, राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने फेड गवर्नर लिसा कुक से उनके खिलाफ लगे बंधक के आरोपों पर जवाब मांगा है, और ऐसा न करने पर उन्हें बर्खास्त करने की धमकी दी है, जिससे केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता पर सवाल उठ रहे हैं।
Adअन्य प्रमुख कारक जो बाजार को प्रभावित कर रहे हैं उनमें शामिल हैं:
- बढ़ती तेल कीमतें: ब्रेंट क्रूड सोमवार को $84 प्रति बैरल से ऊपर चढ़ गया, जिससे महंगाई संबंधी चिंताएं बढ़ गई हैं।
- ट्रेजरी बांड जारी: इस सप्ताह $125 बिलियन के नए ट्रेजरी बांड जारी होने वाले हैं, जो बॉन्ड बाजार पर दबाव डाल सकते हैं।
- मुद्रास्फीति के आंकड़े: बुधवार को जुलाई के लिए उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) के आंकड़े जारी होंगे, जो फेड के अगले कदम के लिए महत्वपूर्ण होंगे।
शेयर बाजार का प्रदर्शन और आगे की राह
इन अनिश्चितताओं के बीच, शेयर बाजार मजबूत बने हुए हैं, जिसका मुख्य कारण दूसरी तिमाही के शानदार कॉर्पोरेट नतीजे हैं। LSEG के आंकड़ों के अनुसार, S&P 500 कंपनियों के लिए दूसरी तिमाही में कुल मुनाफे में साल-दर-साल 51% की शानदार वृद्धि दर्ज की गई है, जिसने वॉल स्ट्रीट को सहारा दिया है।
शुक्रवार को अमेरिकी बाजारों में आई तेजी के बाद सोमवार को एशियाई शेयर बाजारों में भी बढ़त देखी गई। इस बीच, चीन में जुलाई के मुद्रास्फीति के आंकड़े उम्मीद से कम आए। अब निवेशकों की नजरें पूरी तरह से अमेरिका के CPI डेटा पर टिकी हैं, जो बाजार की अगली दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।